भिलाई-रिसाली उपचुनाव रद्द: 5 महीने के कार्यकाल पर लाखों का खर्च मंजूर नहीं, चुनाव आयोग ने लिया बड़ा फैसला

Follow Us

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने भिलाई नगर पालिक निगम के एक और रिसाली नगर निगम के दो वार्डों में होने वाले आगामी उपचुनाव को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। यह निर्णय शासन-प्रशासन पर पड़ने वाले अनावश्यक आर्थिक बोझ और संसाधनों की बर्बादी को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है। गौरतलब है कि रिसाली के वार्ड क्रमांक 2 (रूआबांधा), वार्ड नंबर 39 (पुरैना) और भिलाई के वार्ड नंबर 1 (जुनवानी) में पार्षदों के निधन के बाद सीटें रिक्त हुई थीं, जिसके लिए 1 जून को मतदान होना तय था।

इस चुनाव को रद्द करने के पीछे का मुख्य तर्क कार्यकाल की अल्प अवधि है। दरअसल, दोनों नगर निगमों का वर्तमान कार्यकाल जनवरी 2027 में समाप्त होने जा रहा है और इसी साल दिसंबर में पूरे प्रदेश के साथ यहाँ भी नगरीय निकाय चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में यदि अभी उपचुनाव कराए जाते, तो नवनिर्वाचित पार्षदों का कार्यकाल महज 5 महीनों का ही होता। कुछ जागरूक सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने इस विसंगति को लेकर निर्वाचन आयोग को पत्र लिखा था। उन्होंने तर्क दिया था कि, मात्र कुछ महीनों के लिए चुनाव कराना सरकारी खजाने और प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग होगा।

जनहित में लिखे गए इन पत्रों पर संज्ञान लेते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने उपचुनाव रोकने के निर्देश जारी किए। इसके बाद दुर्ग कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी अभिजीत सिंह ने आधिकारिक तौर पर तीनों वार्डों की निर्वाचन प्रक्रिया को शून्य घोषित कर दिया। इस फैसले से न केवल करोड़ों रुपये की बचत होगी, बल्कि प्रशासनिक तंत्र पर पड़ने वाला अतिरिक्त दबाव भी कम होगा। अब इन वार्डों के मतदाता सीधे आगामी मुख्य नगरीय निकाय चुनाव में ही अपने नए प्रतिनिधियों का चुनाव करेंगे।