सारंगढ़-बिलाईगढ़। छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहाँ चटपटे गुपचुप का स्वाद 25 लोगों के लिए भारी पड़ गया। रेड़ा ग्राम में एक स्थानीय ठेले पर गुपचुप खाने के कुछ ही घंटों बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। देखते ही देखते उल्टी और दस्त की शिकायतों के साथ मरीजों की संख्या बढ़ने लगी, जिससे पूरे गांव में हड़कंप मच गया। बीमारों में सबसे ज्यादा संख्या महिलाओं और बच्चों की है, जिनमें 3 मासूम भी शामिल हैं। हालत बिगड़ती देख परिजनों ने आनन-फानन में मरीजों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जबकि कुछ गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए रायगढ़ रेफर किया गया है।

शुरुआती जांच में यह बात साफ हुई है कि, इन सभी लोगों ने एक ही गुपचुप ठेले से चाट-बताशे खाए थे। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. दीपक जायसवाल ने बताया कि, यह स्पष्ट रूप से ‘फूड पॉइजनिंग’ का मामला है। हालांकि, राहत की बात यह है कि, डॉक्टरों की निगरानी में इलाज के बाद अब मरीजों की स्थिति पहले से बेहतर और स्थिर बनी हुई है। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम सक्रिय हो गई है और दूषित खाद्य सामग्री के सैंपल लेने की तैयारी की जा रही है ताकि जहरखुरानी की असली वजह का पता लगाया जा सके।

यह घटना उन सभी शौकीनों के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो साफ-सफाई को नजरअंदाज कर सड़कों पर बिकने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं। खुले में बिकने वाले इन सामानों में दूषित पानी और बासी मसालों का इस्तेमाल लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहा है। फिलहाल प्रशासन इस बात की जांच कर रहा है कि, इस लापरवाही का असली जिम्मेदार कौन है, लेकिन इस घटना ने पूरे जिले में डर का माहौल पैदा कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि, वे बाहर के खान-पान में विशेष सावधानी बरतें।
