ईरान-अमेरिका तनाव से भारत पर तेल संकट का खतरा! रोज़ हजारों करोड़ गंवा रहीं कंपनियां, सरकार पर बढ़ सकता है दबाव

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नई दिल्ली। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान टकराव का असर अब भारत की अर्थव्यवस्था पर भी साफ दिखाई देने लगा है। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उछाल के चलते देश की सरकारी तेल कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले कई हफ्तों से तेल विपणन कंपनियां रोजाना करीब 1,600 से 1,700 करोड़ रुपये तक का नुकसान झेल रही हैं। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी कंपनियां अब भी पेट्रोल और डीजल पुराने रेट पर बेच रही हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ चुकी हैं।

बताया जा रहा है कि बीते 10 हफ्तों में इन कंपनियों का कुल नुकसान 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा पहुंच चुका है। हालांकि, केंद्र सरकार ने फिलहाल आम जनता को राहत देने के लिए पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी नहीं की है। दिल्ली में पेट्रोल करीब 94 रुपये और डीजल 87 रुपये प्रति लीटर के आसपास बना हुआ है। वहीं घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में मामूली बढ़ोतरी की गई है, लेकिन कमर्शियल सिलेंडर काफी महंगे हो चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि, यदि कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहीं, तो सरकार पर सब्सिडी और वित्तीय सहायता का दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में आने वाले समय में ईंधन की कीमतों को लेकर बड़े फैसले देखने को मिल सकते हैं।