बस्तर। जगदलपुर में आवारा कुत्तों की नसबंदी अभियान की शुरुआत अब राजनीतिक विवाद का बड़ा मुद्दा बन गई है। नगर निगम द्वारा महाराणा प्रताप वार्ड स्थित एबीसी सेंटर के उद्घाटन के दौरान महापौर संजय पांडेय और अन्य जनप्रतिनिधियों ने कुत्तों की पूजा-अर्चना कर उन्हें तिलक लगाया और दूध पिलाकर अभियान की शुरुआत की। कार्यक्रम की तस्वीरें सामने आने के बाद शहर में सियासी बहस तेज हो गई है। कांग्रेस ने इस आयोजन को “सिर्फ दिखावा” बताते हुए नगर निगम पर निशाना साधा है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यदि कुत्तों की पूजा करनी है तो उनके लिए अलग डॉग हाउस बना दिया जाए।

कांग्रेस का आरोप है कि, जमीनी समस्या के समाधान के बजाय प्रचार पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। वहीं महापौर संजय पांडेय ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि, जीव सेवा और सनातन परंपरा का सम्मान करना गलत नहीं है। उन्होंने कहा कि कुत्तों का संबंध कालभैरव और राहु-केतु से माना जाता है और यह आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश देने के उद्देश्य से किया गया। फिलहाल एबीसी सेंटर में 22 आवारा कुत्तों को रखा गया है, जहां उनका नसबंदी ऑपरेशन, रेबीज टीकाकरण और उपचार किया जा रहा है। नगर निगम ने हर महीने करीब 500 आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण का लक्ष्य तय किया है। साथ ही लोगों की मदद के लिए टोल फ्री नंबर 1100 भी जारी किया गया है।


