डोंगरगढ़। राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ अंतर्गत ग्राम मुरमुंदा में पर्यावरण संरक्षण को लेकर प्रशासन ने एक बड़ी नजीर पेश की है। पक्षियों के स्वर्ग कहे जाने वाले ऐतिहासिक मुरमुंदा तालाब के वजूद पर मंडरा रहे खतरे को देखते हुए कलेक्टर जितेंद्र यादव के निर्देश पर राजस्व और पुलिस विभाग ने संयुक्त सर्जिकल स्ट्राइक की। तालाब की शासकीय भूमि पर अवैध रूप से बनाई जा रही दुकानों को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। दरअसल, तहसीलदार द्वारा बार-बार नोटिस दिए जाने और निर्माण रोकने की चेतावनी के बावजूद अतिक्रमणकारी बाज नहीं आ रहे थे, जिसके बाद प्रशासन को यह सख्त कदम उठाना पड़ा।

मुरमुंदा तालाब केवल एक जल स्रोत नहीं है, बल्कि यह साल भर स्थानीय और विदेशी प्रवासी पक्षियों का प्रमुख आश्रय स्थल बना रहता है। तालाब किनारे कंक्रीट का जाल बिछने से यहाँ की जैव विविधता और प्राकृतिक सुंदरता पर संकट गहराने लगा था, जिससे पक्षी प्रेमियों और पर्यावरण संगठनों में भारी आक्रोश था। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई के बाद सामाजिक संस्था “प्रकृति” के सदस्यों और स्थानीय नागरिकों ने राहत की सांस ली है। क्षेत्र के लोगों ने कलेक्टर और एसडीएम के इस साहसिक फैसले की सराहना करते हुए कहा कि यदि समय रहते यह कार्रवाई नहीं होती, तो भू-माफिया इस प्राकृतिक धरोहर का स्वरूप बिगाड़ देते। अब उम्मीद जताई जा रही है कि जिले के अन्य जल स्रोतों को भी इसी तरह अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा।

