पीएम मोदी की ‘7 अपीलों’ पर आर-पार: कांग्रेस ने मांगा विशेष संसद सत्र, कहा- “देश को अंधेरे में न रखे सरकार”

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वैश्विक संकट के बीच जारी की गई ‘7 अपीलों’ ने देश की सियासत में उबाल ला दिया है। कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने इन अपीलों को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का “बेहद गंभीर निर्देश” बताते हुए केंद्र सरकार से तुरंत संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। चिदंबरम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सवाल उठाया कि, आखिर वे कौन से वास्तविक हालात हैं, जिन्होंने सरकार को नागरिकों से सोना न खरीदने, वर्क फ्रॉम होम करने और विदेश यात्रा टालने जैसी अपील करने पर मजबूर कर दिया है? उन्होंने जोर देकर कहा कि, सरकार को देश को भरोसे में लेकर असल आर्थिक स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

विपक्ष का हमला यहीं नहीं रुका। कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने सरकार की रणनीति को “अनैतिक और लापरवाह” करार देते हुए कहा कि, अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए ठोस योजना बनाने के बजाय प्रधानमंत्री आम नागरिकों को असुविधा में धकेल रहे हैं। गौरतलब है कि, MyGov द्वारा साझा की गई इन अपीलों में ईंधन बचाने, स्वदेशी अपनाने और प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ने जैसे सुझाव दिए गए हैं, जिन्हें विपक्ष देश में मंदी की आहट और सरकार की विफलता के रूप में देख रहा है।

राजनीतिक घमासान ऐसे समय में तेज हुआ है जब खाड़ी संकट गहराता जा रहा है। एक तरफ अमेरिका की 9-सूत्रीय शांति योजना है, तो दूसरी तरफ तेहरान ने अपना 14-सूत्रीय जवाबी रोडमैप तैयार किया है। विपक्ष का आरोप है कि, सरकार युद्ध के प्रतिकूल प्रभावों को रोकने में नाकाम रही है और अब इन अपीलों के जरिए अपनी कमियां छिपा रही है। बहरहाल, कार्ति चिदंबरम की इस मांग ने बहस छेड़ दी है कि, क्या वाकई भारत का विदेशी मुद्रा भंडार और अर्थव्यवस्था उस मोड़ पर है जहाँ आम आदमी को अपनी जीवनशैली में इतनी बड़ी कटौती करनी पड़ रही है।