गुजरात। गुजरात के गौरवशाली सोमनाथ मंदिर के इतिहास में 11 मई का दिन स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया। स्वतंत्र भारत में मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित ‘सोमनाथ अमृत महोत्सव’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिरकत की। यह अवसर इसलिए भी खास है क्योंकि ठीक 1,000 साल पहले (1026 में) महमूद गजनवी ने इस मंदिर को खंडित किया था, और आज यह अपनी पूरी भव्यता के साथ विश्व को शांति का संदेश दे रहा है। उत्सव का नजारा तब अद्भुत हो गया जब 90 मीटर ऊंची क्रेन की मदद से प्रधानमंत्री ने 11 पवित्र तीर्थों के जल से मंदिर के शिखर का अभिषेक किया। इस दौरान भारतीय वायुसेना के चेतक हेलिकॉप्टर ने पुष्पवर्षा की और सूर्यकिरण टीम ने आसमान में हैरतअंगेज एरोबेटिक शो पेश कर मंदिर की आभा में चार चांद लगा दिए।
मंदिर में पूजन से पहले प्रधानमंत्री ने हेलिपैड से मंदिर तक 2 किलोमीटर लंबा भव्य रोड शो किया, जहाँ जनता ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। पीएम ने लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया, जिन्होंने आधुनिक सोमनाथ के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया था। सोमनाथ में जनसभा को संबोधित करने के बाद प्रधानमंत्री का अगला पड़ाव वडोदरा रहा। यहाँ उन्होंने पाटीदार समुदाय द्वारा 150 करोड़ की लागत से निर्मित ‘सरदारधाम-3’ का लोकार्पण किया। यह विशाल शैक्षणिक और आवासीय परिसर 2,000 छात्रों के भविष्य को संवारने के लिए तैयार किया गया है।
पीएम मोदी का आज का दिन पूरी तरह ‘आस्था और आधुनिकता’ के संगम को समर्पित रहा। सुबह सोमनाथ के दर पर शीश नवाने से लेकर शाम को वडोदरा में रोड शो और जनसभा तक, उनके कार्यक्रमों में राष्ट्र निर्माण और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की झलक साफ दिखी। देर शाम वडोदरा से दिल्ली वापसी के साथ उनके इस एक दिवसीय ऐतिहासिक गुजरात दौरे का समापन हुआ।
