साइबर ठगी के पीडि़तों को दोष नहीं, सहयोग दें : बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस की अपील

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बलौदाबाजार-भाटापारा । ऑनलाइन धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों के बीच बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस ने जिले के नागरिकों, परिवारों और समाज के प्रबुद्धजनों से अपील की है कि साइबर ठगी के पीडि़तों के प्रति अपनी सोच और व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाएं। पुलिस ने कहा कि साइबर अपराधी बेहद चालाकी से लोगों को अपना शिकार बनाते हैं, इसलिए ठगी का शिकार हुए व्यक्ति को दोष देने के बजाय उसका सहारा बनना बेहद जरूरी है।

पुलिस ने लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि Cyber Scam किसी के साथ भी हो सकता है। ठगी के बाद पीडि़त को तुमने ही गलती की होगी, इतने स्मार्ट बनते हो, अब भुगतो या ऐसा कैसे हो गया? जैसे ताने देने से बचना चाहिए। इस तरह की बातें पीडि़त के मानसिक तनाव को और बढ़ा सकती हैं।

परिवार और समाज की भूमिका महत्वपूर्ण
पुलिस ने कहा कि साइबर ठगी के बाद परिवार और समाज का सहयोग पीडि़त के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे समय में पीडि़त को भावनात्मक संबल देने के साथ-साथ उसे आवश्यक कानूनी और तकनीकी प्रक्रिया पूरी करने में मदद करनी चाहिए।

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि आरोप नहीं, सहयोग करें। वित्तीय धोखाधड़ी होने पर पीडि़त को तुरंत बैंक से संपर्क करने और पुलिस में शिकायत दर्ज कराने में सहयोग दें। समय पर की गई कार्रवाई से ठगी की रकम को रोकने या वापस प्राप्त करने की संभावना बढ़ सकती है।

वित्तीय ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत
बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि साइबर ठगी का शिकार होने पर घबराएं नहीं और बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें। इसके साथ ही राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है।

पुलिस ने कहा कि साइबर अपराध के खिलाफ लड़ाई में जागरूकता के साथ-साथ पीडि़तों के प्रति संवेदनशील व्यवहार भी जरूरी है। साइबर ठगी के पीडि़त को शर्मिंदा नहीं, सशक्त बनाने की जरूरत है।