कांकेर । देश की आजादी की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर उत्तर बस्तर कांकेर जिले में स्वतंत्रता दिवस उत्साह और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। नक्सल प्रभावित क्षेत्र मुल्ला कैंप में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह विशेष रूप से यादगार रहा, जहां 27 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने पुलिस जवानों के साथ मिलकर ध्वजारोहण किया और आजादी का पर्व मनाया।
कभी नक्सलवाद की विचारधारा के प्रभाव में रहकर हिंसा और बंदूक का रास्ता अपनाने वाले इन आत्मसमर्पित नक्सलियों का आज तिरंगे के नीचे खड़े होकर स्वतंत्रता दिवस मनाना उनके मुख्यधारा में लौटने और लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास की मजबूत तस्वीर प्रस्तुत करता है।
समारोह के दौरान आत्मसमर्पित नक्सलियों ने पुलिस जवानों के साथ ध्वजारोहण में सहभागिता की और देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर देश की एकता, अखंडता और विकास में सहभागी बनने का संदेश भी दिया गया।
कांकेर पुलिस द्वारा आत्मसमर्पित नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा से जोडऩे, उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने के अवसर उपलब्ध कराने और शासन की पुनर्वास नीति के माध्यम से बेहतर भविष्य की ओर आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
तिरंगे के नीचे एक साथ खड़े ये 27 चेहरे शांति और बदलाव का संदेश देते नजर आए। यह पहल बताती है कि हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति, विकास और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुडऩा ही बेहतर भविष्य की दिशा है।
