हिंदू धर्म में आस्था रखने वालों के लिए आज का दिन खुशियां लेकर आया है। आज यानी 14 अप्रैल को सूर्य देव के मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करते ही ‘खरमास’ का साया पूरी तरह हट गया है। दोपहर 11:25 बजे हुई मेष संक्रांति के साथ ही पिछले एक महीने से मांगलिक कार्यों पर लगी पाबंदी समाप्त हो गई है।
एक महीने बाद खत्म हुआ मांगलिक कार्यों पर लगा प्रतिबंध:
गौरतलब है कि, 15 मार्च से शुरू हुए खरमास के कारण शादी-विवाह, मुंडन और गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्यों पर रोक लगी हुई थी, जो अब फिर से शुरू होने जा रहे हैं। ज्योतिषियों के अनुसार, अब वैशाख महीने की शुरुआत के साथ ही चारों ओर शहनाइयों की गूँज सुनाई देगी। हालांकि, विवाह की योजना बना रहे परिवारों के लिए एक जरूरी सूचना यह भी है कि, यह शुभ समय ज्यादा लंबा नहीं चलेगा। 17 मई से 15 जून तक ‘मलमास’ लगने के कारण एक बार फिर मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा।
अप्रैल महीने में विवाह के लिए केवल 7 शुभ मुहूर्त:
इसलिए, अप्रैल और मई के शुरुआती पखवाड़े में शादियों की भारी धूम रहने वाली है। अप्रैल महीने की बात करें तो विवाह के लिए केवल 7 प्रमुख शुभ मुहूर्त ही उपलब्ध हैं। ज्योतिष गणना के अनुसार ये तारीखें इस प्रकार हैं:
20 अप्रैल (सोमवार)
21 अप्रैल (मंगलवार)
25 अप्रैल (शनिवार)
26 अप्रैल (रविवार)
27 अप्रैल (सोमवार)
28 अप्रैल (मंगलवार)
29 अप्रैल (बुधवार)
ग्रहों की चाल से तय होगा वैवाहिक सुख:
शास्त्रों के अनुसार, विवाह के लिए सूर्य, बृहस्पति और शुक्र का अनुकूल होना अनिवार्य है और वर्तमान में ग्रहों की स्थिति वैवाहिक बंधन के लिए बेहद उत्तम बनी हुई है। सीमित समय को देखते हुए बाजारों में रौनक बढ़ गई है और टेंट, कैटरिंग से लेकर ज्वेलरी दुकानों पर लोगों की भीड़ जुटने लगी है। यदि आप भी इस सीजन में विवाह के बंधन में बंधने की तैयारी कर रहे हैं, तो इन चुनिंदा मुहूर्तों का लाभ उठायें ।
