पूर्वी अफ्रीका। अफ्रीकी देशों में तेजी से फैल रहे इबोला वायरस ने एक बार फिर दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। कांगो और युगांडा में संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति घोषित किया है। कांगो के पूर्वी इतुरी प्रांत में अब तक 80 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 246 संदिग्ध मामलों की पहचान की गई है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, संक्रमण का पहला मामला एक नर्स से जुड़ा माना जा रहा है, जिसकी 24 अप्रैल को मौत हुई थी।
जांच में अब तक इबोला के बुंडीबुग्यो स्ट्रेन के आठ मामलों की पुष्टि हो चुकी है। यह स्ट्रेन पहले पाए गए जायरे स्ट्रेन से अलग माना जा रहा है, जिससे विशेषज्ञों की चिंता और बढ़ गई है। इबोला वायरस संक्रमित व्यक्ति के खून, पसीने, उल्टी और अन्य शारीरिक तरल पदार्थों के संपर्क से फैलता है। यह बेहद घातक बीमारी मानी जाती है और कई मामलों में मृत्यु दर बहुत अधिक रहती है। युगांडा में भी दो नए संक्रमित मरीज मिलने के बाद सतर्कता बढ़ा दी गई है। वहीं दक्षिण सूडान और केन्या ने भी सीमा क्षेत्रों और प्रवेश केंद्रों पर निगरानी कड़ी कर दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि, इबोला का यह नया प्रकोप अफ्रीका के कई देशों के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। फिलहाल स्वास्थ्य एजेंसियां संक्रमण रोकने और लोगों को जागरूक करने में जुटी हुई हैं।
