मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान से मिली नई रोशनी, कांकेर जिले में 21 मोतियाबिंद मरीजों का हुआ सफल ऑपरेशन

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रायपुर। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत जिले के सुदूर वनांचल और दूरस्थ बसाहटों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच लगातार बढ़ रही है। कांकेर कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर के निर्देशानुसार सभी संदिग्ध मरीजों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर कर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।अब स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव-गांव पहुंचकर लोगों की जांच और उपचार सुनिश्चित कर रही है। इस अभियान ने न केवल स्वास्थ्य सुविधाओं को लोगों तक पहुंचाया है, बल्कि सुदूर अंचल में रहने वाले लोगों के मन में विश्वास की नई किरण भी जगाई है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.सी. ठाकुर ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर अभियान के कारण अब जिले के सुदूर गांवों के लोगों को इलाज के लिए लंबी दूरी तय करने को मजबूर नहीं हैं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाएं उनके द्वार तक पहुंच रही है। उन्होंने बताया कि जिले में अब तक जांच के दौरान 04 लाख 29 हजार 279 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। जांच के दौरान मलेरिया, टीबी, कुष्ठ, मुख कैंसर, सिकल सेल एवं मोतियाबिंद जैसी गंभीर बीमारियों की पहचान कर समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है, इससे बीमारियों की जटिलताओं को कम करने में मदद मिल रही है। यह भी बताया गया कि अभियान को प्रभावी बनाने के लिए ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजकों, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग किया जा रहा है।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज एवं सुपर स्पेशियलिटी संस्थानों तक बेहतर समन्वय स्थापित किया गया है। वहीं मोबाइल मेडिकल यूनिट और स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से दूरस्थ इलाकों तक भी उपचार सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत कांकेर जिले के पोखनलाल 60 वर्ष, जोहतरिन 56 वर्ष, देवचंद्र 52 वर्ष सहित कुल 21 मोतियाबिंद मरीजों का जिला चिकित्सालय कांकेर में सफल ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद मरीजों की आंखों की रोशनी लौटने पर उन्होंने जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ठाकुर ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे इस अभियान का लाभ उठाएं और स्वास्थ्य विभाग के कार्यों में सहयोग करें। उन्होंने बताया कि लोगों के डिजिटल स्वास्थ्य प्रोफाइल भी तैयार किए जा रहे हैं, ताकि भविष्य में इलाज की निरंतरता बनी रहे और आवश्यकता पड़ने पर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी तुरंत उपलब्ध हो सके।