रायपुर। प्रसिद्ध कथावाचक देवकी नंदन ठाकुर ने रायपुर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा से पहले सनातन धर्म, शिक्षा, संस्कार और युवाओं के बदलते व्यवहार को लेकर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि बच्चों को केवल पैसा कमाने की शिक्षा नहीं, बल्कि धार्मिक ग्रंथों और संस्कारों का ज्ञान भी दिया जाना चाहिए। रायपुर के बुढ़ापारा स्थित इंडोर स्टेडियम में 8 से 14 जुलाई तक आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के पहले पत्रकारों से चर्चा करते हुए देवकी नंदन ठाकुर ने कहा कि समाज में नैतिक शिक्षा और चरित्र निर्माण पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने गीता और महाभारत जैसे ग्रंथों के अध्ययन को बच्चों के संस्कारों से जोड़ते हुए अपनी बात रखी।
उन्होंने युवाओं में बढ़ते अपराध और रिश्तों में आ रही चुनौतियों पर चिंता जताई। शादी से पहले और शादी के बाद सामने आ रही हत्या की घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि युवा गलत दिशा में जा रहे हैं। उन्होंने लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर भी अपनी आपत्ति जाहिर की। कथावाचक ने सनातन बोर्ड के गठन की मांग करते हुए कहा कि देश में सनातन परंपराओं और संस्कृति के संरक्षण के लिए एक व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गुरुकुल और मंदिरों के संरक्षण पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
धर्मांतरण के मुद्दे पर बोलते हुए देवकी नंदन ठाकुर ने कहा कि सनातन संस्कृति किसी को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित नहीं करती। उन्होंने युवाओं से भारतीय संस्कृति और धार्मिक ग्रंथों को समझने की अपील की। स्कूलों में दी जा रही शिक्षा पर उन्होंने कहा कि बच्चों को केवल मनोरंजन आधारित गतिविधियों के बजाय चरित्र निर्माण से जुड़ी शिक्षा भी मिलनी चाहिए। उन्होंने भारतीय इतिहास और संस्कृति से जुड़े आदर्श पात्रों के जीवन से सीख लेने की बात कही। संसद में धर्म और नैतिक मूल्यों से जुड़े लोगों की भागीदारी पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों में चरित्र और संस्कार का होना जरूरी है। वहीं, राम मंदिर में चोरी मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी को लेकर उन्होंने कहा कि संभव है कि सरकार किसी बड़े कदम की तैयारी कर रही हो।
