वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में मंगलवार सुबह करीब 2% की गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों को कुछ राहत मिली है। यह गिरावट ऐसे समय आई है जब संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के बावजूद कूटनीतिक बातचीत की संभावनाएं बनी हुई हैं। इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज पर ब्रेंट क्रूड करीब $97.80 प्रति बैरल और नायमैक्स पर डब्ल्यूटीआई करीब $97 के आसपास ट्रेड करता दिखा। इससे पहले सोमवार को कीमतों में 7% से ज्यादा उछाल आया था और यह $100 प्रति बैरल के पार भी चला गया था। इस तेजी की वजह क्षेत्रीय तनाव और संभावित नौसैनिक नाकाबंदी की आशंका थी।
हालांकि, अब संकेत मिल रहे हैं कि दोनों देशों के बीच बैकचैनल बातचीत जारी है, जिससे सप्लाई बाधित होने का डर कम हुआ है। यही वजह है कि बाजार में स्थिरता लौटती दिख रही है। डोनाल्ड ट्रंप के बयान और सैन्य गतिविधियों ने पहले बाजार में घबराहट बढ़ाई थी, लेकिन अब कूटनीतिक प्रयासों ने स्थिति को कुछ हद तक संभाल लिया है।
इस उतार-चढ़ाव का सीधा असर India जैसे देशों पर पड़ता है, जो अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करते हैं। कीमतों में गिरावट भारत के लिए राहत भरी खबर हो सकती है, क्योंकि इससे आयात बिल कम हो सकता है और महंगाई पर भी दबाव घट सकता है। कुल मिलाकर, वैश्विक तेल बाजार अभी भी भू-राजनीतिक घटनाओं के प्रति संवेदनशील बना हुआ है, जहां हर खबर कीमतों को तेजी से प्रभावित कर रही है।
