सारंगढ़-बिलाईगढ़। प्रदेश के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के साल्हेओना धान उपार्जन केंद्र में करोड़ों की सरकारी व्यवस्था को चूना लगाने वाला बड़ा घोटाला उजागर हुआ है। बिना धान आवक के किसानों के नाम पर फर्जी टोकन काटकर ऑनलाइन एंट्री की गई, बॉयोमैट्रिक और आईरिश स्कैनर का इस्तेमाल कर लाखों रुपये हड़प लिए गए और पूरा खेल सरकारी जांच में पकड़ा गया। सरिया पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में समिति प्रबंधक और कम्प्यूटर ऑपरेटर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। मामला धान उपार्जन केंद्र साल्हेओना पंजीयन क्रमांक 245 का है, जहां खरीफ वर्ष 2025-26 की धान खरीदी में भारी अनियमितता की शिकायत पर कलेक्टर सारंगढ़ द्वारा जांच टीम गठित की गई थी।
20 अप्रैल 2026 को हुए भौतिक सत्यापन में 3140.80 क्विंटल धान और 2045 नए जूट बारदानों की कमी मिली, जिसकी कुल कीमत 99 लाख 12 हजार 411 रुपये 35 पैसे आंकी गई। जांच में सामने आया कि समिति प्रबंधक बंशीधर पटेल पिता मोतीराम पटेल उम्र 56 वर्ष निवासी ग्राम कटंगपाली ‘अ’ थाना सरिया जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ और कम्प्यूटर ऑपरेटर वासुदेव पटेल पिता मगन पटेल उम्र 48 वर्ष निवासी वार्ड क्रमांक 07 बरमकेला ने किसानों से मिलीभगत कर बिना धान आवक के फर्जी तरीके से टोकन काटे और बॉयोमैट्रिक डिवाइस व आईरिश स्कैनर के जरिए ऑनलाइन खरीदी एंट्री कर रकम गबन कर ली। सहायक खाद्य अधिकारी विद्यानंद पटेल की शिकायत पर थाना सरिया में अपराध क्रमांक 101/2026 धारा 316(5), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया।
पुलिस ने आरोपियों से तौल पर्ची, बॉयोमैट्रिक ओटीपी मोबाइल, दो कम्प्यूटर सिस्टम, बॉयोमैट्रिक डिवाइस और आईरिश स्कैनर जब्त किए हैं। कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक एनएल राठिया सहित पुलिस टीम की अहम भूमिका रही। फिलहाल, इस घोटाले ने धान खरीदी व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं और जांच आगे बढ़ने के साथ कई और खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
