भारत ने अपनी सामरिक ताकत को और मजबूत करते हुए एडवांस Agni-V मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। ओडिशा स्थित डॉ एपीजे अब्दुल कलाम स्लाइड से किए गए इस परीक्षण ने दुनिया को भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता का बड़ा संदेश दिया है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार मिसाइल में अत्याधुनिक MIRV तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिसकी मदद से यह एक ही लॉन्च में अलग-अलग स्थानों पर मौजूद कई दुश्मन ठिकानों को निशाना बना सकती है। करीब 5000 किलोमीटर से अधिक रेंज वाली अग्नि-5 मिसाइल कई न्यूक्लियर वॉरहेड ले जाने में सक्षम मानी जा रही है।
परीक्षण के दौरान मिसाइल ने हिंद महासागर क्षेत्र में तय सभी लक्ष्यों को सफलतापूर्वक भेदा। इसके लिए जमीन और समुद्र में मौजूद आधुनिक ट्रैकिंग सिस्टम और टेलीमेट्री स्टेशनों की सहायता ली गई। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक MIRV तकनीक भारत को उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में खड़ा करती है, जिनके पास मल्टी-टार्गेट न्यूक्लियर क्षमता मौजूद है। इससे पहले मार्च 2024 में भी इस तकनीक का परीक्षण किया गया था। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस उपलब्धि पर DRDO और भारतीय सेना को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता देश की सुरक्षा को नई मजबूती देगी। भारत की ‘नो फर्स्ट यूज’ परमाणु नीति के बावजूद यह परीक्षण दुश्मनों के लिए स्पष्ट संदेश माना जा रहा है।
