सावधान! आपकी दवा असली है या नकली? इंदौर से छत्तीसगढ़ तक फैला नकली दवाओं का नेटवर्क ध्वस्त, 3 गिरफ्तार

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रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस और ड्रग विभाग ने एक संयुक्त कार्रवाई करते हुए नकली दवाओं के एक ऐसे खतरनाक सिंडिकेट को ध्वस्त किया है, जो लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहा था। इस मामले में पुलिस ने इंदौर के मुख्य सप्लायर रोचक अग्रवाल सहित सारंगढ़ के मेडिकल संचालक खेमराम बानी और भाठापारा के सुरेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया है।

इस पूरे गोरखधंधे की परतें तब खुलनी शुरू हुईं जब गोगांव स्थित एक ट्रांसपोर्ट हब में नकली दवाओं की एक बड़ी खेप पकड़ी गई। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हो गया कि, इन जीवनरक्षक दवाओं के नाम पर जहर परोसने वाला यह नेटवर्क इंदौर से संचालित हो रहा था, जिसके तार छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के मेडिकल स्टोर्स से जुड़े हुए थे।

इस मामले ने उस वक्त राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया, जब सारंगढ़ के एक आरोपी संचालक और रायपुर के तत्कालीन सहायक औषधि नियंत्रक संजय कुमार नेताम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। एक रेस्टोरेंट में संदिग्ध मुलाक़ात और फाइलों के लेन-देन के इस वीडियो ने विभाग की मिलीभगत की ओर इशारा किया, जिसके बाद सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अधिकारी संजय नेताम को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी।

जांच में पुष्टि हुई है कि, आरोपी इंदौर से कम कीमत पर नकली दवाएं मंगवाते थे और स्थानीय मेडिकल स्टोर्स के माध्यम से उन्हें असली बताकर बाजार में खपा देते थे। पकड़े गए तीनों आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि, इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं और अब तक कितनी नकली दवाएं मरीजों तक पहुँचाई जा चुकी हैं। इस कार्रवाई के बाद पूरे प्रदेश के ड्रग विभाग में खलबली मची हुई है।