महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले से एक बेहद हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ कानून का खौफ खत्म होता नजर आ रहा है। पटेवा थाना क्षेत्र के ग्राम पचारी में आबकारी मामले के फरार आरोपियों को पकड़ने गई पुलिस टीम पर ग्रामीणों की उग्र भीड़ ने जानलेवा हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में सांकरा थाना प्रभारी (TI) उत्तम तिवारी के सिर, गले और सीने में गंभीर चोटें आई हैं, वहीं एक महिला आरक्षक सहित कई अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।
दरअसल,यह पूरी घटना उस वक्त शुरू हुई जब संयुक्त पुलिस बल ने गांव में दबिश देकर फरार शराब तस्कर विजय और विनोद मारकण्डेय को घेराबंदी कर दबोच लिया। जैसे ही पुलिस आरोपियों को वाहन में बैठाने लगी, उन्होंने शोर मचाकर अपने परिजनों और ग्रामीणों को उकसा दिया। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और लाठी-डंडों, लोहे की छड़ व पत्थरों से पुलिस पर हमला बोल दिया। इस दौरान पुलिस की हाईवे पेट्रोलिंग गाड़ी के कांच फोड़ दिए गए और स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई।
भीड़ के हिंसक विरोध और पत्थरों की बौछार के बीच भी पुलिसकर्मियों ने अदम्य साहस का परिचय दिया। लहूलुहान होने के बावजूद जवानों ने दोनों मुख्य आरोपियों को भीड़ के चंगुल से छुड़ाने नहीं दिया और उन्हें सफलतापूर्वक थाने लेकर आए। पुलिस ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए शासकीय कार्य में बाधा डालने और जानलेवा हमला करने के आरोप में मुख्य आरोपियों समेत 10 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। फिलहाल, तीन अन्य फरार हमलावरों की तलाश में छापेमारी जारी है। इस घटना ने एक बार फिर अपराधियों के दुस्साहस और पुलिस के सामने आने वाली चुनौतियों को उजागर कर दिया है।
