बेमेतरा। जिले के लगभग 800 नियमित एवं संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का जुलाई माह का वेतन रोकने के आदेश से कर्मचारियों में गहरी नाराजगी व्याप्त है। छत्तीसगढ़ प्रदेश एन.एच.एम. कर्मचारी संघ, जिला इकाई बेमेतरा का मानना है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति सुनिश्चित करना सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सामूहिक जिम्मेदारी है, किन्तु किसी भी परिस्थिति में कर्मचारियों का वेतन रोकना समस्या का समाधान नहीं हो सकता।
संघ का कहना है कि, स्वास्थ्य कर्मचारी सीमित संसाधनों, रिक्त पदों एवं कठिन परिस्थितियों में भी मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, परिवार कल्याण सहित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों का निरंतर संचालन कर रहे हैं। यदि किसी कार्यक्रम में लक्ष्य की प्राप्ति में कमी रही है, तो उसके कारणों की निष्पक्ष समीक्षा कर आवश्यक सहयोग, मार्गदर्शन एवं संसाधन उपलब्ध कराते हुए समाधान निकाला जाना चाहिए, न कि कर्मचारियों एवं उनके परिवारों के भरण-पोषण का एकमात्र साधन वेतन ही रोक दिया जाए। वेतन रुकने से कर्मचारियों के समक्ष बैंक ऋण की किस्त, बच्चों की शिक्षा, बुजुर्गों के उपचार तथा दैनिक जीवन की आवश्यकताओं को पूरा करने का गंभीर संकट उत्पन्न हो जाएगा। ऐसा निर्णय कर्मचारियों का मनोबल कमजोर करने वाला है तथा इसका प्रतिकूल प्रभाव स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ सकता है।
छत्तीसगढ़ प्रदेश एन.एच.एम. कर्मचारी संघ, जिला इकाई बेमेतरा शासन एवं जिला प्रशासन से मांग करता है कि, जुलाई माह का रोका गया वेतन तत्काल जारी किया जाए। यदि किसी राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है, तो उसके कारणों की निष्पक्ष समीक्षा कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएं तथा संबंधित कर्मचारियों के साथ संवाद स्थापित कर व्यावहारिक समाधान निकाला जाए। कर्मचारियों को दंडित करने के बजाय उन्हें आवश्यक सहयोग, प्रशिक्षण एवं संसाधन उपलब्ध कराकर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर ध्यान दिया जाना चाहिए। संघ के जिलाध्यक्ष पुरन दास ने कहा कि, कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए संघ हर आवश्यक लोकतांत्रिक प्रयास करेगा। इस संबंध में जिला प्रशासन एवं शासन को ज्ञापन सौंपकर जुलाई माह का रोका गया वेतन तत्काल आहरित एवं भुगतान किए जाने का अनुरोध किया जाएगा।
