हृढ्ढ्र की जांच पर सवाल उठाना गलत, 16 सितंबर को सजा का ऐलान होगा

Follow Us

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। झीरम घाटी नक्सली हमले के मामले में हृढ्ढ्र की विशेष अदालत द्वारा 10 आरोपियों को दोषी ठहराए जाने के बाद प्रदेश में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस की ओर से जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए जाने और नार्को टेस्ट की मांग के बीच उद्योग एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने पलटवार किया है।

गौरेला में मीडिया से बातचीत करते हुए मंत्री देवांगन ने कहा कि कांग्रेस के बयानों में अब कोई दम नहीं रह गया है। उन्होंने कहा कि हृढ्ढ्र एक राष्ट्रीय और स्वायत्त जांच एजेंसी है, जिसने मामले की जांच निष्पक्षता और तथ्यों के आधार पर की है। जांच के आधार पर अदालत ने दोषियों को चिह्नित किया है और आगामी 16 सितंबर को सजा का ऐलान किया जाएगा।


Read more:- साइबर सुरक्षा और ग्राम शांति को लेकर पुलिस अधीक्षक ने जनप्रतिनिधियों के साथ की बैठक


पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर निशाना साधते हुए देवांगन ने कहा कि बघेल लंबे समय तक दावा करते रहे कि झीरम कांड से जुड़े सबूत और मुख्य षड्यंत्रकारियों का सार्वजनिक चीजे उनकी जेब में है। मंत्री ने सवाल उठाया कि जब प्रदेश में पांच साल तक कांग्रेस की सरकार रही और भूपेश बघेल स्वयं मुख्यमंत्री थे, तो उन्होंने अपनी जेब में रखे कथित सबूत सार्वजनिक क्यों नहीं किए।

देवांगन ने आरोप लगाया कि पांच साल तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस सरकार इस मामले में कुछ नहीं कर पाई। अब भाजपा सरकार के कार्यकाल में जांच एजेंसियां कार्रवाई कर रही हैं तो कांग्रेस ध्यान भटकाने की राजनीति कर रही है।


Read more:- माता-पिता को कमरे में बाहर से बंद कर युवती ने लगाई फांसी, मौत से पहले के घटनाक्रम ने बढ़ाया रहस्य


जांच एजेंसियों पर सवाल उठाना गलत : देवांगन
मंत्री ने कहा कि देश की प्रमुख जांच एजेंसियों पर राजनीति से प्रेरित होकर सवाल उठाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का रुख स्पष्ट है कि अपराध में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। अदालत की न्यायिक प्रक्रिया के तहत मामले को उसके अंजाम तक पहुंचाया जा रहा है।