यूपीएल का कमाल: दुनिया का सबसे बड़ा रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम बना, भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था की रीढ़

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मुंबई। भारत का यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) अब वैश्विक स्तर पर एक बड़ी डिजिटल सफलता बन चुका है। लॉन्च के लगभग एक दशक बाद UPI ने न सिर्फ भारत में भुगतान के तरीके को बदल दिया है, बल्कि इसे दुनिया का सबसे बड़ा रियल-टाइम पेमेंट प्लेटफॉर्म भी बना दिया है। 11 अप्रैल 2016 को शुरू हुए UPI ने बेहद छोटे स्तर से शुरुआत की थी, जब पहले महीने में केवल 373 ट्रांज़ैक्शन हुए थे।

लेकिन आज यह सिस्टम फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में लगभग 24,000 करोड़ से अधिक ट्रांज़ैक्शन प्रोसेस कर रहा है। यह लगभग 12,000 गुना की जबरदस्त वृद्धि को दर्शाता है।वैल्यू के हिसाब से भी UPI ने रिकॉर्ड बनाया है। 2016-17 में जहां ट्रांज़ैक्शन वैल्यू मात्र 0.07 लाख करोड़ रुपये थी, वहीं अब यह बढ़कर 314 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। रोजाना लगभग 66 करोड़ ट्रांज़ैक्शन UPI के जरिए हो रहे हैं।

आज देश में 85% डिजिटल पेमेंट्स UPI के माध्यम से हो रहे हैं। छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े व्यापारियों तक, हर स्तर पर इसका उपयोग तेजी से बढ़ा है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी सरलता और सभी बैंकों के बीच इंटरऑपरेबिलिटी है, जिसमें 703 से अधिक बैंक जुड़ चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भी UPI को दुनिया की सबसे बड़ी रियल-टाइम पेमेंट प्रणाली के रूप में मान्यता दी है। यह भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ वैश्विक फिनटेक मॉडल के लिए एक उदाहरण बन चुका है।