सुशासन तिहार पर आर-पार! कांग्रेस ने कहा ‘नौटंकी’, बीजेपी का पलटवार- जब आदिवासियों का हक छिना था, तब क्यों चुप थे बैज?

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में आम जनता की समस्याओं के निराकरण के लिए आयोजित ‘सुशासन तिहार’ अब सियासी जंग का मैदान बन गया है। सत्ता पक्ष (बीजेपी) और विपक्ष (कांग्रेस) के बीच वार-पलटवार का दौर चरम पर है। जहां कांग्रेस इसे महज एक ‘नौटंकी’ करार दे रही है, वहीं साय सरकार के मंत्री इसे जनता के हक की बहाली बता रहे हैं।

पीसीसी चीफ दीपक बैज ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि, सुशासन तिहार सिर्फ एक औपचारिकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि, बीजेपी नेता जनता के बीच जाकर सिर्फ ‘टाइम पास’ कर रहे हैं। बैज ने कटाक्ष किया कि “राष्ट्रपति के दत्तक पुत्रों तक को पीएम आवास के लिए भटकना पड़ रहा है और अपनी नाकामी छिपाने के लिए सरकार अधिकारियों को धमका रही है।” बैज के मुताबिक, यह अभियान पूरी तरह फेल हो चुका है।

कांग्रेस के इन आरोपों पर कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 5 साल तक प्रदेश के गरीबों को आवास के लिए तरसाया और आज आदिवासियों की बात कर रहे हैं। कश्यप ने याद दिलाया कि “बीजेपी सरकार ने आते ही 18 लाख से ज्यादा पीएम आवास स्वीकृत किए। जब कांग्रेस के राज में नक्सलियों ने शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर ग्रहण लगाया था, तब कांग्रेसियों का मुंह क्यों बंद था?”

यही नहीं, शराब की प्लास्टिक बोतलों को लेकर भी सियासत गर्मा गई है। दीपक बैज ने तंज कसा कि “प्लास्टिक की बोतलें चूहे कुतर देंगे और शराब का पैसा मंत्री खा जाएंगे, इल्जाम चूहों पर लगेगा।” इस पर पलटवार करते हुए केदार कश्यप ने कहा कि कांग्रेस को दूसरों पर उंगली उठाने से पहले अपने कार्यकाल के शराब घोटाले को याद कर लेना चाहिए। फिलहाल, सुशासन की इस लड़ाई ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में उबाल ला दिया है।