मोदी सरकार लॉन्च करेगी देश का पहला हाई-फ्रीक्वेंसी इकोनॉमिक बैरोमीटर, रियल-टाइम डेटा से मिलेगी अर्थव्यवस्था की तस्वीर

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार 14 जुलाई को देश का पहला हाई-फ्रीक्वेंसी इकोनॉमिक बैरोमीटर (High-Frequency Economic Barometer) लॉन्च करने जा रही है। इस पहल को भारत की आर्थिक निगरानी व्यवस्था को आधुनिक और डेटा आधारित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। उद्योग जगत ने सरकार की इस पहल का स्वागत किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रणाली सरकार को अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति का रियल-टाइम आकलन करने और समय रहते नीतिगत फैसले लेने में मदद करेगी।

दुनिया के कई विकसित देश जैसे अमेरिका, चीन, ब्रिटेन, जापान और कनाडा पहले से हाई-फ्रीक्वेंसी आर्थिक संकेतकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और विश्व बैंक भी आर्थिक गतिविधियों, मुद्रास्फीति, व्यापार और विकास की निगरानी के लिए आधुनिक डेटा सिस्टम को बढ़ावा देते हैं। इस पहल के साथ भारत भी वैश्विक स्तर की आर्थिक निगरानी प्रणाली अपनाने वाले देशों में शामिल होगा।

कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAT) के राष्ट्रीय महामंत्री और चांदनी चौक से सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया, जीएसटी और यूपीआई जैसी पहलों के बाद यह आर्थिक प्रशासन में एक बड़ा बदलाव साबित होगा। उन्होंने बताया कि नया बैरोमीटर जीएसटी संग्रह, यूपीआई लेनदेन, ई-वे बिल, माल ढुलाई, बिजली खपत, बैंकिंग गतिविधियों और डिजिटल कॉमर्स जैसे प्रमुख संकेतकों के आधार पर अर्थव्यवस्था की वास्तविक स्थिति की जानकारी देगा। इस प्रणाली से सरकार को आर्थिक चुनौतियों की पहचान पहले ही करने और प्रभावी नीतियां बनाने में मदद मिलेगी। वहीं, छोटे व्यापारियों, खुदरा कारोबारियों, एमएसएमई और उद्यमियों को भी बाजार की मांग और उपभोक्ता व्यवहार से जुड़े रुझानों को समझने में सहायता मिलेगी।

वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, महंगाई और सप्लाई चेन से जुड़ी चुनौतियों के बीच इस बैरोमीटर को एक अर्ली वार्निंग सिस्टम के तौर पर देखा जा रहा है, जो संभावित आर्थिक बदलावों का संकेत पहले दे सकेगा। उद्योग संगठन FICCI, ASSOCHAM और अन्य व्यापारिक संस्थाओं ने भी इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यह कदम निवेश को बढ़ावा देने, नीति निर्माण को मजबूत करने और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को गति देने में अहम भूमिका निभा सकता है।