नई दिल्ली। भारतीय शतरंज की स्टार खिलाड़ी आर वैशाली ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फिडे विमेंस कैंडिडेट्स टूर्नामेंट जीतकर इतिहास रच दिया है। वह इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट को जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई हैं। इस जीत के साथ वैशाली ने महिला शतरंज में भारत का नाम और ऊंचा कर दिया है। अब उनका अगला बड़ा मुकाबला चीन की पांच बार की वर्ल्ड चैंपियन जू वेनजुन से होगा, जहां महिला विश्व खिताब दांव पर रहेगा।

टूर्नामेंट के निर्णायक राउंड में वैशाली ने बेहतरीन संयम दिखाते हुए कैटरीना लैग्नो को हराया, जबकि अन्य मुकाबलों के नतीजों ने भी उनकी स्थिति मजबूत कर दी। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 8.5 अंक हासिल कर शानदार प्रदर्शन किया। चेन्नई से आने वाली वैशाली ने मात्र 6 साल की उम्र में शतरंज खेलना शुरू किया था।

इसके बाद उन्होंने अंडर-12 और अंडर-14 विश्व खिताब जीते और लगातार आगे बढ़ते हुए 2018 में वुमन ग्रैंडमास्टर, 2021 में इंटरनेशनल मास्टर और 2023 में ग्रैंडमास्टर का खिताब हासिल किया। वैशाली और उनके भाई आर प्रज्ञानानंद की जोड़ी पहले ही इतिहास रच चुकी है, जब दोनों एक साथ ग्रैंडमास्टर बनने वाले पहले भाई-बहन बने। इस उपलब्धि ने भारतीय शतरंज को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दी है। अब सभी की नजरें वैशाली और जू वेनजुन के बीच होने वाले महामुकाबले पर टिकी हैं, जो महिला शतरंज की दुनिया में नया इतिहास लिख सकता है।
