सुशील आनंद शुक्ला का आरोप- सरकार बातचीत से समाधान निकालने के बजाय पटवारियों को कर रही निलंबित
रायपुर। छत्तीसगढ़ में पटवारियों की हड़ताल को लेकर सियासत तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि पटवारियों की हड़ताल से राजस्व व्यवस्था प्रभावित हो रही है और इसका सीधा असर धान खरीदी की तैयारियों पर पड़ रहा है। कांग्रेस ने राज्य सरकार पर आंदोलन खत्म कराने के बजाय उसे लंबा खींचने का आरोप लगाया है।
प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सरकार पटवारियों की मांगों पर बातचीत कर समाधान निकालने के बजाय उन्हें निलंबित कर रही है। सैकड़ों पटवारियों को सस्पेंड किया जा चुका है और काम पर वापस नहीं लौटने पर सर्विस ब्रेक की चेतावनी दी जा रही है। उन्होंने सरकार की इस कार्रवाई को अलोकतांत्रिक और दमनकारी बताया।
शुक्ला ने कहा कि पटवारियों की हड़ताल के कारण किसानों का पंजीयन प्रभावित हो रहा है। खसरा-खतौनी में सुधार सहित राजस्व से जुड़े कई काम अटके हुए हैं। इससे धान खरीदी की तैयारियों में बाधा आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर हड़ताल समाप्त कराने के लिए गंभीर प्रयास नहीं कर रही, ताकि धान की खरीदी कम हो सके।
रायपुर में किराये के मकान में मिले मां-बेटे के शव, कई दिनों से घर में थे बंद; जांच में जुटी पुलिस
पीवी ऐप की तकनीकी खामियों का विरोध
कांग्रेस नेता ने बताया कि पटवारी राजस्व विभाग की ओर से लागू किए गए पीवी ऐप (फिजिकल वेरिफिकेशन ऐप) का विरोध कर रहे हैं। इसके माध्यम से डिजिटल सर्वे और जीपीएस फोटो अपलोड करना अनिवार्य किया गया है। पटवारियों की शिकायत है कि ऐप में सर्वर डाउन रहने, लोकेशन मैच नहीं होने और खेतों में खड़ी फसल के भौतिक सत्यापन जैसी व्यावहारिक समस्याएं आ रही हैं।
नामांतरण और बंटवारे के प्रकरण लंबित
सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि पटवारियों के प्रतिवेदन नहीं मिलने से तहसीलदार और एसडीएम कार्यालयों में राजस्व प्रकरण लंबित हो रहे हैं। फौती, नामांतरण, बंटवारा और रिकॉर्ड में त्रुटि सुधार जैसे काम प्रभावित हैं। उन्होंने आशंका जताई कि यदि समय रहते राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्त नहीं हुए तो बड़ी संख्या में किसान धान बेचने से वंचित हो सकते हैं।
धनतेरस पर छत्तीसगढ़ में बाजारों की बल्ले-बल्ले, कारोबार 10 हजार करोड़ तक पहुंचने का अनुमान
उन्होंने कहा कि पटवारी संघ पहले ही सरकार को ऐप से जुड़ी तकनीकी और व्यावहारिक समस्याओं से अवगत करा चुका था, लेकिन उनकी शिकायतों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया। इसी वजह से पटवारियों को हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा। कांग्रेस ने सरकार से पटवारियों के साथ बातचीत कर उनकी समस्याओं का समाधान निकालने और हड़ताल समाप्त कराने की मांग की है, ताकि धान खरीदी प्रभावित न हो।
