एवियन (फ्रांस)/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच 16 महीने बाद आज अहम द्विपक्षीय बैठक होने जा रही है। G7 Summit के दौरान होने वाली इस मुलाकात पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं। बैठक में भारत-अमेरिका ट्रेड डील, पश्चिम एशिया संकट, ऊर्जा सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है, जब ईरान युद्ध और खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव ने वैश्विक राजनीति और ऊर्जा बाजार को प्रभावित किया है। दोनों नेता होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति और समुद्री सुरक्षा पर भी बातचीत कर सकते हैं।
G7 बैठक के दौरान दोनों नेताओं की अनौपचारिक मुलाकात भी हुई थी। जब प्रधानमंत्री मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के पास पहुंचे तो ट्रंप अपनी सीट से उठे और दोनों नेताओं ने हाथ मिलाकर बातचीत की। यह मुलाकात करीब पांच मिनट तक चली। फरवरी 2025 में वॉशिंगटन दौरे के बाद दोनों नेताओं की यह पहली आमने-सामने मुलाकात है। व्हाइट हाउस के अनुसार, यह बैठक G7 नेताओं, आउटरीच पार्टनर्स और टेक्नोलॉजी क्षेत्र के प्रमुख अधिकारियों के साथ होने वाले कार्यक्रमों के बीच आयोजित की जाएगी।
बैठक में भारत-अमेरिका व्यापार समझौता भी अहम एजेंडा रहेगा। इसके अलावा ऊर्जा आयात, रणनीतिक साझेदारी और वैश्विक सुरक्षा से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी। इससे पहले G7 बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में तनाव और समुद्री मार्गों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया था। उन्होंने भारतीय नाविकों की मौत पर चिंता जताते हुए कहा कि वैश्विक व्यापार से जुड़े समुद्री कर्मचारियों की सुरक्षा सभी देशों की जिम्मेदारी है।
