क्रेडिट कार्ड को फेंकना नहीं: ऐसे कराएं बंद, वरना हो सकता है वित्तीय नुकसान

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नई दिल्ली। क्रेडिट कार्ड लेने के बाद उसका इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं तो उसे यूं ही नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। बैंक या वित्तीय संस्था से कार्ड मिलने के बाद ग्राहक को उसकी सक्रियता, शुल्क और अन्य शर्तों की जानकारी जरूर जांचनी चाहिए। भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार, ग्राहक की स्पष्ट मंजूरी के बिना क्रेडिट कार्ड को सक्रिय नहीं किया जा सकता। यदि ग्राहक मंजूरी नहीं देता, तो संबंधित संस्था को कार्ड बंद करना होता है।

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वहीं, यदि कार्ड सक्रिय हो चुका है और उसका इस्तेमाल नहीं किया जा रहा, तो कुछ मामलों में वार्षिक या नवीनीकरण शुल्क लग सकता है। समय पर भुगतान न होने पर बकाया बढ़ सकता है और इसका असर क्रेडिट स्कोर पर भी पड़ सकता है। अगर कार्ड की जरूरत नहीं है, तो उसे काटकर फेंकना पर्याप्त नहीं है। बैंक या कार्ड जारी करने वाली संस्था से संपर्क कर उसे औपचारिक रूप से बंद कराना चाहिए। साथ ही, समय-समय पर अपनी क्रेडिट रिपोर्ट जांचने से अनधिकृत खाते या गलत जानकारी का पता लगाया जा सकता है। कार्ड लेने से पहले शुल्क, ब्याज और भुगतान की अंतिम तारीख समझना भी जरूरी है।

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