दुर्ग। वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक अरुण वोरा ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को हिरासत में लिए जाने की कड़ी निंदा करते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि देश में जब विपक्ष की आवाज से सरकार घबराने लगे और सवाल पूछने वाले नेताओं को हिरासत में लिया जाए, तो यह लोकतंत्र के लिए बेहद गंभीर और चिंताजनक स्थिति है।
अरुण वोरा ने कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी जनता की आवाज बनकर लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए सड़कों पर उतर रहे हैं। उनकी आवाज को दबाने के लिए हिरासत का सहारा लेना सरकार की तानाशाही मानसिकता और लोकतांत्रिक असहमति के प्रति असहिष्णुता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को हिरासत में लेने से सवाल खत्म नहीं होंगे, प्रियंका गांधी को रोकने से जनता की आवाज नहीं दबेगी और के.सी. वेणुगोपाल सहित कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लेने से कांग्रेस का संघर्ष रुकने वाला नहीं है।
वोरा ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर विपक्ष सवाल उठा रहा है तो सरकार को जवाब देना चाहिए, विपक्षी नेताओं को हिरासत में नहीं लेना चाहिए। लोकतंत्र में सरकार से सवाल पूछना अपराध नहीं, बल्कि विपक्ष और जनप्रतिनिधियों का अधिकार है।
उन्होंने कहा, “लोकतंत्र में तानाशाही नहीं चलेगी। संविधान की रक्षा और जनता के मताधिकार की लड़ाई में कांग्रेस पीछे हटने वाली नहीं है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की आवाज को जितना दबाने की कोशिश होगी, जनता के बीच यह आवाज उतनी ही मजबूती से उठेगी।”
अरुण वोरा ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता और देश की जनता लोकतंत्र एवं संविधान की रक्षा के लिए पूरी मजबूती के साथ खड़े हैं।
