मॉस्को। भारत और रूस के बीच न्यायिक क्षेत्र में एक नई पहल हुई है। दोनों देशों के सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक सहयोग बढ़ाने के लिए पहली बार एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU) किया है। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और रूस के सुप्रीम कोर्ट के चेयरमैन इगोर क्रासनोव ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए।
इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों की न्यायिक प्रणालियों के बीच अनुभव साझा करना, आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाना और न्यायिक अधिकारियों के प्रशिक्षण को मजबूत करना है। यह पहल दोनों देशों की अदालतों के कामकाज को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने में मदद करेगी।
बैठक के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि भारत और रूस जैसे बड़े देशों में न्याय व्यवस्था चलाना एक बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की कानूनी परंपराएं अलग-अलग होने के बावजूद न्यायपालिका के सामने कई समान चुनौतियां हैं, जैसे जनता का विश्वास बनाए रखना और बदलती तकनीक के साथ खुद को अपडेट करना। समझौते के तहत अदालतों में सूचना प्रौद्योगिकी के बेहतर उपयोग, न्यायिक अनुभवों के आदान-प्रदान और न्यायिक अधिकारियों के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
भारत में ई-फाइलिंग, ऑनलाइन सुनवाई, डिजिटल रिकॉर्ड और एआई आधारित अनुवाद जैसी सुविधाओं के विस्तार का भी जिक्र किया गया। अधिकारियों का मानना है कि भारत-रूस के बीच यह साझेदारी न्यायिक प्रक्रिया को तेज, आधुनिक और ज्यादा सुविधाजनक बनाने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकती है।
