‘बाल-भिक्षावृत्ति मुक्त दिल्ली अभियान’ के तहत बच्चों को चाइल्ड केयर सेंटर तक पहुंचाने की तैयारी, माता-पिता की काउंसलिंग के बाद होगा पुनर्वास

Follow Us

नई दिल्ली। दिल्ली की सड़कों, ट्रैफिक सिग्नल, मेट्रो स्टेशन और बाजारों में भीख मांगते बच्चों की तस्वीर बदलने की तैयारी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ऐसे बच्चों के पुनर्वास और बेहतर भविष्य के लिए ‘बाल-भिक्षावृत्ति मुक्त दिल्ली अभियान’ शुरू करने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री के मुताबिक अभियान के तहत दिल्ली के सभी 13 जिलों में दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (DCPCR) और एनजीओ की मदद से भीख मांगने वाले बच्चों की पहचान की जाएगी। बच्चों को जबरन हटाने के बजाय उनके माता-पिता से काउंसलिंग की जाएगी और उनकी आर्थिक व सामाजिक समस्याओं को समझकर बेहतर विकल्प उपलब्ध कराने की कोशिश होगी।

सरकार की योजना बच्चों को जरूरत के मुताबिक चाइल्ड केयर सेंटर में रखने और उनकी सुरक्षा व शिक्षा पर ध्यान देने की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि, अभियान का उद्देश्य सिर्फ बच्चों को सड़कों से हटाना नहीं, बल्कि उनका भविष्य सुरक्षित करना है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि, अगर कोई गिरोह बच्चों से जबरन भीख मंगवा रहा है तो उसकी पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। DCPCR पहले से ही ऐसे बच्चों के पुनर्वास की दिशा में काम कर रहा है, लेकिन गरीबी और पारिवारिक मजबूरियां बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।