डॉलर के आगे कमजोर पड़ा रुपया: पहली बार 96 के पार पहुंची भारतीय मुद्रा, बढ़ा आर्थिक दबाव

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नई दिल्ली। भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। शुक्रवार, 15 मई 2026 को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अब तक के सबसे निचले स्तर 96.14 पर पहुंच गया। लगातार गिरते रुपये और बढ़ती ईंधन कीमतों ने आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और मजबूत अमेरिकी डॉलर के कारण भारतीय मुद्रा पर दबाव बढ़ा है। पिछले एक हफ्ते में रुपया करीब 90 पैसे तक कमजोर हुआ है। बाजार जानकारों का कहना है कि, अमेरिका-ईरान तनाव और वैश्विक अनिश्चितता का असर सीधे भारतीय बाजार पर दिखाई दे रहा है। रुपये की कमजोरी का सबसे बड़ा असर आयात पर पड़ता है।

भारत कच्चे तेल, सोना और कई जरूरी वस्तुओं का बड़ा आयातक है। ऐसे में डॉलर मजबूत होने से आयात महंगा हो जाता है, जिसका सीधा असर पेट्रोल-डीजल, गैस और रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर पड़ सकता है। इसी बीच पेट्रोलियम कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दाम में रु.3 प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी कर दी है, जबकि दिल्ली-NCR में CNG की कीमतें भी बढ़ चुकी हैं। इससे आम आदमी के घरेलू बजट पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि, यदि पश्चिम एशिया में तनाव जल्द कम नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में महंगाई और आर्थिक दबाव और बढ़ सकता है।