वॉशिंगटन। ईरानी बंदरगाहों के आसपास बढ़ते वैश्विक तनाव के बीच अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में एक बड़ी सैन्य कार्रवाई का दावा किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरानी बंदरगाहों की ओर जाने वाले जहाजों पर लगाई गई सख्त समुद्री नाकेबंदी को लागू करते हुए, अमेरिकी नौसेना ने अब तक 78 कमर्शियल जहाजों का रास्ता मोड़कर उन्हें वापस लौटने पर मजबूर कर दिया है। इसके साथ ही, समुद्री नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए 4 अन्य जहाजों को इस हद तक ‘डिसेबल’ (निष्क्रिय) कर दिया गया है कि, वे अब ऑपरेशन के लायक ही नहीं बचे हैं।
दुनिया की लाइफलाइन माने जाने वाले इस रणनीतिक समुद्री रास्ते पर अमेरिका ने सख्त निगरानी बढ़ा दी है, क्योंकि यहीं से वैश्विक तेल और गैस की सप्लाई का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। इस नाकेबंदी के बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने दोटूक शब्दों में कहा है कि, ईरान के पास अब समझौता करने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है। फ्रांसीसी चैनल BFMTV को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने चेतावनी दी कि, यदि ईरान डील नहीं करता, तो उसे बेहद गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। ट्रंप के अनुसार, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी इस बात पर सहमत हैं कि, ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखना चाहिए, हालांकि चीन ने इस पूरे विवाद को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसे जल्द खत्म करने की बात कही है। फिलहाल, पाकिस्तान की मध्यस्थता से अप्रैल में हुआ युद्धविराम लागू तो है, लेकिन किसी स्थायी समझौते के अभाव में अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर आर्थिक और सैन्य दबाव पूरी तरह बरकरार रखा है।
