असम। असम में भाजपा ने लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की है। हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब हिमंत ने असम में भाजपा का झंडा बुलंद करने की जिम्मेदारी संभाली और उसे अंजाम तक पहुंचाया। वह ये काम 2016 से ही करते आ रहे हैं। यह बात अलग है कि उन्हें मुख्यमंत्री बनने का पहला मौका 2021 में मिला था। थोड़ी ही देर में सरमा का शपथ ग्रहण होने वाला। दरअसल, ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर हिमंत बिस्व सरमा कौन हैं? उनका शुरुआती जीवन और सियासी करियर कैसा रहा है? उनके कांग्रेस से मोहभंग और इसके बाद भाजपा में आने की कहानी क्या है? कैसे हिमंत ने भाजपा में अपनी पहचान और पहुंच तेजी से बढ़ाई है? आपको बता दें की हिमंत बिस्व सरमा का जन्म 1 फरवरी 1969 को असम के जोरहाट में हुआ था। बाद में उनका परिवार गुवाहाटी के उलुबारी और गांधीबस्ती इलाके में बस गया। उनका परिवार मूल रूप से नलबाड़ी जिले के लतीमा से ताल्लुक रखता है और उनके छह भाई-बहन हैं। राजनीति में औपचारिक रूप से प्रवेश करने से पहले का उनका सफर शिक्षा, छात्र नेतृत्व और वकालत से जुड़ा रहा है।
हिमंत बिस्व सरमा: क्या दोबारा संभालेंगे असम की कमान? कांग्रेस से मिला अनुभव, बीजेपी में चमकी किस्मत
