रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन की जनकल्याणकारी महतारी वंदन योजना प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में उल्लेखनीय परिवर्तन ला रही है। यह योजना महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उनके जीवन में स्थायित्व और सम्मान भी सुनिश्चित कर रही है। नारायणपुर जिले की 55 वर्षीय मिथिला बाई इस बदलाव की प्रेरक मिसाल बनकर सामने आई हैं। बढ़ती उम्र, कमजोर स्वास्थ्य और सीमित आय के कारण उनका जीवन कठिनाइयों से घिरा हुआ था। परिवार की जरूरतों और इलाज के खर्चों के बीच संतुलन बना पाना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था।
ऐसे समय में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से उन्हें महतारी वंदन योजना की जानकारी मिली। आवेदन के बाद अब उन्हें प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता राशि सीधे उनके बैंक खाते में प्राप्त हो रही है। इस नियमित आर्थिक सहयोग ने उनके जीवन में स्थिरता लाई है। अब वे अपने स्वास्थ्य का बेहतर ध्यान रख पा रही हैं और घरेलू आवश्यकताओं को भी सहजता से पूरा कर रही हैं।
मिथिला बाई कहती हैं कि यह योजना उनके लिए आत्मविश्वास का नया आधार बनी है। वे अब खुद को सशक्त और आत्मनिर्भर महसूस करती हैं तथा अपने अनुभव साझा कर अन्य महिलाओं को भी आगे आने और योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित कर रही हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में संचालित महतारी वंदन योजना प्रदेश की महिलाओं के जीवन स्तर में व्यापक सुधार ला रही है।
योजना के तहत प्रदेश की पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा रही है। मार्च 2024 में प्रारंभ इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत अब तक 27 किस्तों में कुल 17,523 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है, जिससे लाखों महिलाओं को प्रत्यक्ष लाभ मिला है। आज महतारी वंदन योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह महिलाओं के आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बन चुकी है। प्रदेशभर में इसकी सफलता की कहानियां यह साबित कर रही हैं कि जब शासन की योजनाएं संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ लागू होती हैं, तो वे समाज के अंतिम व्यक्ति तक वास्तविक बदलाव पहुंचाती हैं।
