बजट समझना हर नागरिक की जिम्मेदारी: बृजमोहन अग्रवाल ने युवाओं में भरी नई ऊर्जा

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  • युवाओं के प्रेरणास्रोत बृजमोहन अग्रवाल ने ‘MY Bharat Budget Quest’ के समापन समारोह में फूँका राष्ट्र निर्माण का मंत्र
  • ‘विकसित भारत 2047’ की नींव युवा शक्ति: MY Bharat Budget Quest में उभरी नई सोच
  • भारत विश्व के समृद्ध देशों से भी ज़्यादा सुखी देश:बृजमोहन

रायपुर । भारत सरकार के युवा मामले और खेल मंत्रालय के तत्वावधान में, ‘MY Bharat छत्तीसगढ़’ द्वारा आयोजित राष्ट्रीय-स्तरीय ‘MY Bharat Budget Quest’ का भव्य समापन समारोह संपन्न हुआ। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित किया अपने संबोधन में, उन्होंने ‘विकसित भारत 2047’ के स्वप्न को साकार करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर ज़ोर दिया, और प्रतिभागियों को समावेशी विकास तथा सतत विकास की दिशा में सक्रिय रूप से योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया।

नवा रायपुर स्थित IIIT में आयोजित कार्यक्रम में रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने अपने ओजस्वी संबोधन से युवाओं में नई ऊर्जा का संचार किया।

देश भर के 12 लाख और छत्तीसगढ़ के 30 हजार युवाओं में से चयनित होकर आए 471 प्रतिभागियों को श्री अग्रवाल ने भविष्य का ‘आर्थिक दूत’ बताते हुए बधाई दी।

उन्होंने कहा कि आप जैसे शिक्षित बच्चे ही आम आदमी को सरकार की योजनाओं और टैक्स के सदुपयोग के बारे में समझा सकते हैं।

“बजट को समझना हर नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी”

बृजमोहन अग्रवाल ने अपने संबोधन में सवाल किया कि, इसके पहले कभी आप लोगों ने बजट को समझने की कोशिश की थी? सही बताइएगा। बजट क्या होता है, बजट कैसे बनता है, बजट खर्च कैसे होता है, बजट में पैसे कहाँ से आते हैं—यह कभी इस देश का नागरिक और पढ़ा-लिखा नौजवान भी कभी समझने की कोशिश नहीं करता है।
हमें तो लगता है कि हमारे जेब में ₹100 हैं, उस ₹100 में से क्या चीज़ आएगी, हम उसको खरीद लेते हैं। इतना पैसा बचेगा, उसका क्या उपयोग करेंगे, इसके बारे में हम सोचते हैं। परन्तु जब कोई भारत की सरकार या राज्य की सरकार बजट बनाती है, तो उसके सामने बहुत सारे पहलू (aspects) होते हैं।

आर्थिक समझ और युवाओं की भूमिका

नौजवान जो है, वह सिर्फ अपनी परीक्षा को पास करने में या प्रतियोगी परीक्षाओं (competitive exams) को पास करने में, या फिर अपनी मौज-मस्ती के लिए पैसों की व्यवस्था करने को समझता है। और जब उसे कहीं पर ऐसी समस्या आती है—सड़क खराब मिलती है, बिजली नहीं मिलती है, कहीं सरकार काम नहीं कर रही होती है—तो वह सरकार को गाली देने लगता है।
परन्तु सरकार ऐसा क्यों कर रही है, किस कारण से हो रहा है? युवाओं को देश की समस्याओं, उपलब्धियों और बजट के बारे में जानना चाहिए। आज भारत की जनसंख्या 140 करोड़ है। इतने बड़े देश को चलाने के लिए बजट को मैनेज करना एक बड़ी चुनौती है।

आज भारत विश्व के समृद्ध देशों से भी ज़्यादा सुखी देश है। हमारी अर्थव्यवस्था स्थिर (stable) है। इसका एक बड़ा कारण हमारे बुजुर्गों की बचत करने की आदत है। जहाँ आज का नौजवान ₹100 आने पर ₹120 खर्च कर देता है, वहीं हमारी माताएं, बहनें और दादियाँ उस पैसे में से कुछ बचाकर रखती थीं, जो मुश्किल समय में काम आता था।

विकास और अधोसंरचना

आज देश में तेज़ी से विकास हो रहा है:
फ्लाईओवर और एक्सप्रेस-वे का निर्माण।
वंदे भारत ट्रेनों का संचालन।
बुलेट ट्रेन का सपना, जो अगले एक साल में हकीकत बनने वाला है।
इंफ्रास्ट्रक्चर का तेज़ी से विकास।
यह सब पैसा कहाँ से आता है? सरकार हमसे टैक्स लेती है ताकि हमें अच्छी सड़कें, एयरपोर्ट, और रेल कनेक्टिविटी जैसी सुविधाएँ दे सके। यह बात आम आदमी को कौन समझाएगा? आप जैसे पढ़े-लिखे बच्चे ही समझाएंगे।

छत्तीसगढ़ में प्रगति
छत्तीसगढ़ में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हुई है:
IIM, IIT, HNLU और AIIMS जैसे संस्थानों की स्थापना।
राज्य गठन के समय केवल 1 मेडिकल कॉलेज था, आज 15 मेडिकल कॉलेज हैं।
अगले एक-दो वर्षों में 5 और मेडिकल कॉलेज खुलने वाले हैं।
प्रधानमंत्री जी का लक्ष्य है कि हर जिले और संसदीय क्षेत्र में एक मेडिकल कॉलेज हो।
अंत में, मैं यही कहूँगा कि नई पीढ़ी को यह समझना चाहिए कि सरकार कैसे काम करती है और बजट कैसे बनता है।

कार्यक्रम में कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब IIIT निदेशक डॉ ओपी व्यास , जिला पंचायत सीईओ विश्रंजन, नितिन शर्मा, अर्पित तिवारी समेत प्रदेशभर से आए विद्यार्थीगण उपस्थित रहे।