मुंगेली। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में करंट लगने से एक युवक की मौत के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने अस्पताल में डॉक्टर नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए आधी रात जरहागांव बस स्टैंड पर नेशनल हाईवे जाम कर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दोषियों पर कार्रवाई, अस्पताल में डॉक्टरों की नियमित नियुक्ति और मृतक के परिवार को मुआवजा देने की मांग की। जानकारी के अनुसार, जरहागांव निवासी गोविंद साहू उर्फ गोलू को बिजली का करंट लगने के बाद परिजन तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि उस समय अस्पताल में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। उनका कहना है कि प्राथमिक उपचार देने के बजाय अस्पताल स्टाफ ने युवक को सीधे जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
गंभीर हालत में परिजन गोविंद साहू को जिला अस्पताल लेकर रवाना हुए, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि यदि समय पर डॉक्टर उपलब्ध होते और तत्काल इलाज मिलता, तो युवक की जान बचाई जा सकती थी। घटना से नाराज परिजन, स्थानीय नागरिक और भाजपा नेता वेदप्रकाश के नेतृत्व में देर रात जरहागांव बस स्टैंड पर नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर धरने पर बैठ गए। करीब आधे घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात प्रभावित रहा। प्रदर्शनकारियों ने घटना के लिए जिम्मेदार डॉक्टरों या संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नियमित चिकित्सकों की तैनाती और मृतक के परिजनों को उचित आर्थिक सहायता देने की मांग की।
सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम समाप्त हुआ और यातायात सामान्य हो गया। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक अस्पताल प्रबंधन या स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। बीएमओ डॉ. कमलेश खैरवार से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। ऐसे में डॉक्टरों की अनुपस्थिति और इलाज में लापरवाही के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

