कोच्चि। केरल हाई कोर्ट में एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को उस समय बड़ा झटका लगा, जब अदालत ने उनकी बिना शर्त माफी को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। काजू विकास विभाग के प्रभारी सचिव आईएएस के. बीजू को अवमानना मामले में कोर्ट के सामने पेश होकर सफाई देनी पड़ी, लेकिन जज उनकी दलीलों से संतुष्ट नहीं हुए। सुनवाई के दौरान बीजू ने अपने बयान पर खेद जताते हुए कहा कि उनकी मंशा न्यायपालिका के सम्मान को ठेस पहुंचाने की नहीं थी। उन्होंने विवादित आदेश की भाषा को लेकर माफी मांगी और उसे वापस लेने की बात भी कही। हालांकि, हाई कोर्ट ने उनके माफीनामे को अधूरा मानते हुए नया हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।
अदालत ने कहा कि, सरकारी अधिकारियों को अपने फैसलों और शब्दों के प्रति पूरी जिम्मेदारी रखनी चाहिए। कोर्ट ने बीजू से स्पष्ट करने को कहा कि संबंधित आदेश किस सोच और प्रक्रिया के तहत जारी किया गया था। मामला उस वक्त सुर्खियों में आया जब बीजू के एक आदेश में लिखा गया कि सरकार अदालत के निर्देश के कारण मुकदमा चलाने को मजबूर है। कोर्ट ने इस भाषा पर आपत्ति जताई और इसे न्यायपालिका की गरिमा से जोड़ते हुए अवमानना नोटिस जारी किया था। अब इस मामले की अगली सुनवाई 15 जुलाई को होगी।
