हैदराबाद। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे बंदी भगीरथ को पुलिस ने एक नाबालिग लड़की के यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। भगीरथ की इस कस्टडी को लेकर पुलिस और केंद्रीय मंत्री के दावों में अंतर देखने को मिल रहा है। जहां बंदी संजय का कहना है कि उन्होंने कानून का सम्मान करते हुए अपने बेटे को वकीलों के माध्यम से खुद पुलिस को सौंपा है, वहीं पुलिस ने दावा किया है कि आरोपी को हैदराबाद के बाहरी इलाके से गिरफ्तार किया गया है।
यह पूरा मामला तब गरमाया जब 16 मई को तेलंगाना हाई कोर्ट ने भगीरथ की अग्रिम जमानत और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की याचिका को पूरी तरह खारिज कर दिया। अदालत ने साफ किया कि पॉक्सो (POCSO) जैसे गंभीर मामलों में आरोपी को किसी भी तरह की अंतरिम राहत नहीं दी जा सकती। हाई कोर्ट के इस कड़े रुख और अभियोजन पक्ष के यह कहने पर कि आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहा है, पुलिस ने भगीरथ के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर दिया था ताकि वह देश छोड़कर भाग न सके।
गौरतलब है कि यह मामला एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की की मां की शिकायत पर दर्ज हुआ है। आरोप है कि भगीरथ ने शादी का झांसा देकर नाबालिग का यौन उत्पीड़न किया। पुलिस ने इस मामले में 8 मई को पॉक्सो और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। इस बीच, मामले पर राजनीतिक घमासान भी शुरू हो गया है। बीआरएस नेता के. कविता ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर बंदी संजय को मंत्री पद से हटाने की मांग की है ताकि जांच निष्पक्ष हो सके। दूसरी ओर, बंदी संजय ने कहा है कि कानून के सामने सब बराबर हैं और उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।
