नई दिल्ली। विश्व योग दिवस के करीब आते ही भारत सरकार का आयुष मंत्रालय योग के महत्व को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए सक्रिय हो गया है। इसी कड़ी में मंत्रालय ने ‘मत्स्यासन’ (फिश पोज) के फायदों को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और स्क्रीन (कंप्यूटर, मोबाइल या लैपटॉप) के लगातार इस्तेमाल से लोगों में आंखों की थकान, गले में खिंचाव और पीठ की अकड़न जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। मंत्रालय के अनुसार, ये लक्षण इस बात का संकेत हैं कि आपके शरीर को थोड़ी अतिरिक्त देखभाल की जरूरत है और इसके लिए मत्स्यासन एक बेहतरीन उपाय है।
योग विशेषज्ञों के मुताबिक, मत्स्यासन हमारी रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाने, छाती को खोलने और कंधों व गर्दन के तनाव को कम करने में बेहद मददगार है। इसके नियमित अभ्यास से गर्दन, गले और पीठ की मांसपेशियां मजबूत होती हैं, जिससे दर्द में राहत मिलती है। यह आसन फेफड़ों की सांस लेने की क्षमता को बढ़ाता है और थायरॉइड ग्रंथि को भी स्वस्थ रखने में सहायक है। इसके अलावा, मानसिक तनाव और चिंता को कम कर यह शरीर में नई ऊर्जा का संचार करता है।

इस आसन को करने के लिए सबसे पहले योग मैट पर पीठ के बल सीधे लेट जाएं और अपनी हथेलियों को शरीर के नीचे दबाकर रखें, जिसमें कोहनियां जमीन पर टिकी हों। अब सांस भरते हुए छाती को ऊपर की ओर उठाएं और सिर को पीछे की तरफ इस तरह ले जाएं कि सिर का ऊपरी हिस्सा जमीन को छुए। कुछ सेकंड इसी मुद्रा में रहकर सामान्य स्थिति में आ जाएं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि शुरुआत में इसका अभ्यास किसी योग गुरु की देखरेख में ही करें। विशेषकर गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों और गर्भवती महिलाओं को डॉक्टर या एक्सपर्ट की सलाह के बाद ही इसकी शुरुआत करनी चाहिए।
