नीट परीक्षा के दौरान ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर रहेगा प्रतिबंध

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कोंडागांव। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी नूपुर राशि पन्ना द्वारा नीट परीक्षा के दौरान कोलाहल एवं ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया है। जारी आदेशानुसार 20 जून 2026 एवं 21 जून 2026 को नीट परीक्षा कोण्डागांव नगर के स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल जामकोटपारा एवं शासकीय बाल उच्चत्तर माध्यमिक शाला अस्पताल वार्ड कोण्डागांव में आयोजित है।समय और कैलेंडर विद्यार्थियों/परीक्षार्थियों के परीक्षा में व्यवधान उत्पन्न न हो, इस तथ्य को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी द्वारा कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा 5 (2) एवं धारा 10 (2) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए कोण्डागांव नगर के जामकोटपारा वार्ड एवं अस्पताल वार्ड कोण्डागांव में 20.06.2026 से 21.06.2026 तक अधिनियम की धारा 2 के अंतर्गत परिभाषित कोलाहल एवं ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर प्रतिबंध रहेगा। उक्त आदेश का उल्लंघन अधिनियम की धारा 15 के अधीन दण्डनीय होगा।

कोण्डागांव जिला पंचायत सीईओ ने बड़ेकनेरा में बायोगैस संयंत्र का किया निरीक्षण स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत ग्राम पंचायत बड़ेकनेरा में स्थापित बायोगैस संयंत्र का जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अविनाश भोई द्वारा निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संयंत्र की कार्यप्रणाली, गोबर की उपलब्धता, गैस उत्पादन एवं उपयोग की स्थिति का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान भोई ने जनपद पंचायत कोण्डागांव के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, ग्राम पंचायत के सरपंच एवं सचिव को बायोगैस संयंत्र की निरंतर क्रियाशीलता सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त मात्रा में गोबर की नियमित उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बायोगैस संयंत्र न केवल स्वच्छ ऊर्जा का स्रोत है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने का प्रभावी माध्यम भी है। उन्होंने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर देते हुए प्रत्येक घर एवं सामुदायिक स्तर पर गीले, सूखे, घरेलू जोखिमयुक्त तथा स्वच्छता अपशिष्ट के पृथक्करण हेतु चार प्रकार के डस्टबिन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही नियमित घर-घर कचरा संग्रहण, कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन तथा स्रोत स्तर पर अपशिष्ट पृथक्करण सुनिश्चित करने पर बल दिया। जिला पंचायत सीईओ ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने, जैविक अपशिष्टों के बेहतर उपयोग तथा ग्राम पंचायतों को स्वच्छ एवं हरित बनाने के लिए सतत प्रयास करने का आह्वान किया।दक्षिण-एशियाई और प्रवासी