बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर में एक शिक्षक की आत्महत्या ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है। पालनार स्कूल के प्रधान पाठक राजू पुजारी द्वारा फांसी लगाकर जान देने के मामले ने अब एक बड़े राजनीतिक और भ्रष्टाचार के विवाद का रूप ले लिया है। मृतक के पास से बरामद सुसाइड नोट में ठेकेदार देवाशीष मंडल, शैलेष वासम और डोंगरे सर का नाम सामने आया है, जिन्होंने कथित तौर पर शिक्षक को मौत के मुहाने तक धकेला।
कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी ने इस घटना को ‘प्रशासनिक हत्या’ करार देते हुए मोर्चा खोल दिया है। मंडावी का आरोप है कि, स्कूल भवन के 20 लाख 30 हजार रुपये के निर्माण कार्य में जमकर भ्रष्टाचार हो रहा था। उन्होंने दावा किया कि, “शिक्षक राजू पुजारी पर घटिया निर्माण के बावजूद भुगतान करने का मानसिक दबाव बनाया गया।” विधायक ने सीधा आरोप लगाया कि, सुसाइड नोट और दस्तावेजों में भाजपा नेताओं के तार जुड़े हैं। उन्होंने अल्टीमेटम दिया है कि, यदि तीन दिन में दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे बीजापुर थाने का घेराव कर उग्र आंदोलन करेंगे।
वहीं, भाजपा जिलाध्यक्ष घासीराम नाग ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए कड़ी निंदा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि, इस दुखद घड़ी में राजनीति नहीं होनी चाहिए और दोषी चाहे किसी भी दल से जुड़ा हो, उसे सलाखों के पीछे होना चाहिए। शिक्षक की मौत ने जिले में सरकारी निर्माण कार्यों के पीछे चल रहे ‘कमीशन के खेल’ और दबाव की राजनीति को बेनकाब कर दिया है। अब देखना यह है कि, प्रशासन विधायक की चेतावनी के बाद क्या कदम उठाता है और राजू पुजारी के परिवार को न्याय मिल पाता है या नहीं।
