नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में 5 बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस (MI) की हालत फिलहाल किसी बुरे सपने जैसी नजर आ रही है। हार्दिक पांड्या की कप्तानी में टीम ने सीजन का आधा सफर तय कर लिया है, लेकिन वानखेड़े में चेन्नई सुपर किंग्स के हाथों मिली 103 रनों की ऐतिहासिक हार ने न केवल मुंबई का मनोबल तोड़ा है, बल्कि उनके नेट रन रेट को भी गर्त में धकेल दिया है। वर्तमान में मुंबई 7 मैचों में केवल 2 जीत और 4 अंकों के साथ अंक तालिका में 8वें पायदान पर संघर्ष कर रही है। सबसे बड़ी मुसीबत टीम का -0.736 का नेट रन रेट है, जो प्लेऑफ की रेस में सबसे बड़ा रोड़ा साबित हो सकता है।

अब मुंबई के पास लीग स्टेज में केवल 7 मैच बाकी हैं और यहाँ से प्लेऑफ का गणित बिल्कुल ‘करो या मरो’ वाला हो चुका है। अगर मुंबई को बिना किसी गुणा-भाग के सुरक्षित तरीके से क्वालीफाई करना है, तो उन्हें बचे हुए 7 में से कम से कम 6 मैच हर हाल में जीतने होंगे। ऐसा करने पर टीम 16 अंकों के ‘मैजिक फिगर’ तक पहुँच जाएगी। यदि टीम करिश्माई प्रदर्शन करते हुए सभी 7 मैच जीत लेती है, तो 18 अंकों के साथ टॉप-2 में भी जगह पक्की हो सकती है। हालांकि, यदि टीम केवल 5 मैच जीत पाती है और 14 अंकों पर अटकती है, तो मामला नेट रन रेट और दूसरी टीमों के नतीजों पर निर्भर हो जाएगा, जो मौजूदा स्थिति को देखते हुए लगभग नामुमकिन लगता है।
इतिहास गवाह है कि, मुंबई इंडियंस ने पहले भी कई बार असंभव परिस्थितियों से वापसी की है, लेकिन इस बार डगर बहुत कठिन है। अब हार्दिक की सेना के पास गलती की कोई गुंजाइश नहीं बची है। उन्हें न सिर्फ मैदान पर जीत दर्ज करनी होगी, बल्कि विपक्षी टीमों को बड़े अंतर से धूल चटाकर अपने रन रेट को भी प्लस में लाना होगा। क्या ‘पलटन’ 2026 में फिर कोई पुराना चमत्कार दोहरा पाएगी या इस बार लीग स्टेज में ही उनका बोरिया-बिस्तर बंध जाएगा, यह देखना दिलचस्प होगा।
