जमीन के टुकड़े के लिए ‘कसाई’ बना बेटा: 15 साल जेल में सड़ने के बाद बाहर आते ही पूरे परिवार को उतारा मौत के घाट

Follow Us

जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के भवंतरा गांव में बुधवार की खौफनाक रात ने पूरे प्रदेश को दहला दिया है। एक ही परिवार के चार सदस्यों की नृशंस हत्या के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। इस नरसंहार का मास्टरमाइंड कोई बाहरी नहीं, बल्कि घर का बेटा सोना साय कश्यप निकला, जिसने अपने ही बेटे गोलू के साथ मिलकर इस खूनी साजिश को अंजाम दिया। पुलिस जांच के अनुसार, इस जघन्य हत्याकांड की असली जड़ पैतृक संपत्ति का विवाद थी। जमीन को लेकर चल रही लंबी खींचतान ने पिता-पुत्र को इतना अंधा कर दिया कि, उन्होंने मेदनी प्रसाद, पीताम्बर, शांति बाई और मासूम मोगरा को मौत के घाट उतार दिया।

मुख्य आरोपी सोना साय का इतिहास बेहद काला रहा है; वह पहले भी अपने बड़े भाई की हत्या के जुर्म में 15 साल की जेल काट चुका है। हाल ही में रिहा होकर आए सोना साय की फितरत सलाखों के पीछे भी नहीं बदली और गांव लौटते ही उसने लालच में फिर से कुल्हाड़ी उठा ली। हालांकि, शिवरीनारायण पुलिस ने पहले उस पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की थी, लेकिन वह इस नरसंहार को रोकने में नाकाम रही।

घटना का खौफनाक मंजर गुरुवार सुबह तब सामने आया जब निर्माणाधीन मकान में काम करने पहुंचे मिस्त्री ने खाट पर चारों लहूलुहान शव देखे। मृतकों में पति-पत्नी और उनके नाती-नातिन शामिल थे। सूचना मिलते ही फोरेंसिक और डॉग स्क्वायड की टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने संदेह के आधार पर जब सोना साय को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। वर्तमान में गांव में भारी पुलिस बल तैनात है और दहशत का माहौल बना हुआ है, वहीं पुलिस इस हत्याकांड की हर कड़ी को बारीकी से जोड़ने में जुटी है।