स्वतंत्रता दिवस पर मोदी लाल किले पर फहरायेंगे तिरंगा, राष्ट्र को करेंगे संबोधित

Follow Us

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह का नेतृत्व करते हुए ऐतिहासिक लाल किले से राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद राष्ट्र को संबोधित करेंगे। इस भव्य समारोह में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ की 150 साल पुरानी विरासत को याद करने और 2047 तक ‘विकसित भारत’ की ओर देश की यात्रा को आगे बढ़ाने में ‘युवा शक्ति’ की ऊर्जा, आकांक्षाओं और अहम योगदान का जश्न मनाया जायेगा।

इसी कड़ी में स्वतंत्रता दिवस पर पहली बार, लाल किले पर ‘वंदे मातरम’ गाया जाएगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह लाल किला पहुंचने पर प्रधानमंत्री का स्वागत करेंगे। रक्षा सचिव, जनरल ऑफिसर कमांडिंग , दिल्ली एरिया लेफ्टिनेंट जनरल राजेश सेठी का परिचय प्रधानमंत्री से कराएंगे। इसके बाद ले. जनरल सेठी प्रधानमंत्री को सलामी मंच तक ले जाएंगे, जहां सेनाओं और दिल्ली पुलिस का संयुक्त दस्ता प्रधानमंत्री को सलामी देगा। इसके बाद प्रधानमंत्री सलामी गारद का निरीक्षण करेंगे।


Read more:-’हर कदम तिरंगे के नाम: सुकमा में 14 अगस्त को दौड़ेगा देशभक्ति का जुनून


सलामी गारद दल में सेना, नौसेना, वायु सेना और दिल्ली पुलिस से एक-एक अधिकारी और 24-24 जवान शामिल होंगे। इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए भारतीय सेना समन्वय सेवा है। सलामी गारद की कमान लेफ्टिनेंट कर्नल अर्जुन सिंह संभालेंगे। प्रधानमंत्री के गार्ड में सेना के दल की कमान मेजर आदित्य शर्मा, नौसेना दल की कमान लेफ्टिनेंट कमांडर नीलम राणा और वायु सेना दल की कमान स्क्वाड्रन लीडर विपिन कुमार संभालेंगे। दिल्ली पुलिस दल की कमान अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त विनीत कुमार संभालेंगे।

सलामी गारद का निरीक्षण करने के बाद प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर की ओर बढ़ेंगे जहां रक्षा मंत्री , रक्षा राज्य मंत्री , प्रमुख रक्षा अध्यक्ष एनएस राजा सुब्रमणि, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन और सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ उनका स्वागत करेंगे। ले. जनरल सेठी प्रधानमंत्री को राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्राचीर पर बने मंच तक ले जाएंगे। कैप्टन सोनिया सिंह चौहान राष्ट्रीय ध्वज फहराने में प्रधानमंत्री की मदद करेंगी।


Read more:- प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र मिलने से हितग्राहियों एवं उनके परिवारों में खुशी का माहौल 


यह 1721 फील्ड बैटरी (सेरेमोनियल) के बहादुर गनर्स द्वारा दी जाने वाली 21-तोपों की सलामी के साथ तालमेल बिठाकर किया जाएगा। स्वदेशी 105 एमएम लाइट फील्ड गन का इस्तेमाल करने वाली इस सेरेमोनियल बैटरी की कमान मेजर पवन सिंह शेखावत संभालेंगे और गन पोजीशन ऑफिसर नायब सूबेदार (गनरी में असिस्टेंट इंस्ट्रक्टर) अनुतोष सरकार होंगे।

सेना, नौसेना, वायु सेना और दिल्ली पुलिस के एक-एक अधिकारी और 32-32 अन्य रैंक के जवानों से बनी नेशनल फ्लैग गार्ड, प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराए जाने के समय ‘राष्ट्रीय सलामी’ देगी। इस अंतर सेवा गार्ड और पुलिस गार्ड की कमान मेजर लोकेंद्र सिंह शेखावत संभालेंगे। राष्ट्रीय फ्लैग गार्ड में सेना की टुकड़ी की कमान मेजर विकास यादव, नौसेना की टुकड़ी की कमान लेफ्टिनेंट कमांडर अभिलाष और वायु सेना की टुकड़ी की कमान स्क्वाड्रन लीडर उमेश जी संभालेंगे। दिल्ली पुलिस की टुकड़ी की कमान अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त विकास मीणा संभालेंगे।


Read more:-देश की सामूहिक स्मृति के संरक्षक और भविष्य की कल्पना के सृजक हैं कलाकार: मुर्मु


ध्वज फहराए जाने के बाद, तिरंगे को ‘राष्ट्रीय सलामी’ दी जाएगी। एक जेसीओ और 25 अन्य रैंक के जवानों वाला सेना बैंड ‘वंदे मातरम’ की धुन बजाएगा और लाल किले पर मौजूद सभी लोग राष्ट्रगीत गाएंगे। इसके बाद राष्ट्रगान गाया जाएगा। बैंड का संचालन सूबेदार ईश्वर सिंह करेंगे। जैसे ही प्रधानमंत्री राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे वायु सेना के दो एमआई-17 हेलीकॉप्टर कार्यक्रम स्थल पर फूलों की वर्षा करेंगे – एक हेलीकॉप्टर राष्ट्रीय ध्वज और दूसरा ‘वंदे मातरम’ वाला ध्वज लेकर उड़ेगा। हेलीकॉप्टरों के कैप्टन विंग कमांडर रजत और स्क्वाड्रन लीडर अंकित वार्ष्णेय होंगे।

पुष्प वर्षा के बाद, प्रधानमंत्री देश को संबोधित करेंगे।
उनके भाषण के समापन पर, राष्ट्रीय कैडेट कोर के कैडेट और ‘माई भारत’ के स्वयंसेवक राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ गाएंगे और उसके बाद राष्ट्रगान होगा। इस समारोह में कुल 2,500 लड़के और लड़कियां (थल सेना, नौसेना और वायु सेना के कैडेट) और ‘माई भारत’ के स्वयंसेवक भाग लेंगे। ये कैडेट और ‘माई भारत’ के स्वयंसेवक ज्ञानपथ पर, प्राचीर के सामने बैठेंगे। वे ‘वंदे मातरम’ की आकृति बनाएंगे। ज्ञानपथ पर ‘विकसित भारत 2047’ की थीम को दर्शाने वाले व्यू-कटर लगाए जाएंगे।


Read more:-‘पीएम जनमन’ से रोशन हुई: झारावाही-हत्लानार की राह


समारोह को देखने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों से लगभग 5,000 खास मेहमानों को बुलाया गया है। इसके अलावा अलग-अलग राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से पारंपरिक कपड़ों में 1,500 से ज़्यादा लोगों को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। गणतंत्र दिवस की तर्ज पर इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर भी दर्शकों के लिए छह जगहों पर 25 क्लॉक रूम बनाए गए हैं। दर्शकों की मदद के लिए 200 स्वयंसेक तैनात किये जायेंगे और अक्षम लोगों तथा बुर्जुगों को व्हीलचेयर की सुविधा दी जायेगी इसके लिए मेट्रो स्टेशनों और पार्किंग में एनसीसी कैडेट मौजूद रहेंगे।

इस वर्ष के निमंत्रण कार्ड पर ‘सेवा तीर्थ’ और ‘धर्म चक्र’ की झलक दिखाई गई है।

समारोह में बनायी गयी बैठने की जगहों के नाम देश की प्रमुख झीलों के नाम पर रखे गए हैं। इनमें बड़खल, भीमताल, चंद्रताल, चिल्का, दलपत सागर, डिमना, दूधसागर, हाफलोंग, हरिके, हुसैन सागर, कंवर, कांकरिया, कोलेरू, लोकटक, लोनार, पैंगोंग त्सो, पुलिकट, पुष्कर, रवीन्द्र सरोबर, रामगढ़ ताल, रुद्रसागर, साख्य सागर, शांति सागर, वेम्बनाड और वुलर शामिल हैं।