नयी दिल्ली।बेल्जियम और नीदरलैंड की मेजबानी में 15 से 30 अगस्त तक होने वाले एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में महिला और पुरुष वर्ग की 16- 16 टीमें नये प्रारूप में मुकाबला करेंगी। दोनों वर्ग के लिए अलग-अलग टूर्नामेंट होंगे।
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दोनों टूर्नामेंट की 16- 16 हॉकी टीमों को चार-चार टीमों वाले चार पूल में बांटा गया है। पिछले टूर्नामेंट के उलट – जहां ग्रुप विनर सीधे क्वार्टर-फ़ाइनल में पहुँचते थे और दूसरे और तीसरे स्थान पर रहने वाली टीमें बाकी आठ जगहों के लिए क्रॉसओवर मैच खेलती थीं। एफआई हॉकी वर्ल्ड कप 2026 मेंकोई क्वार्टरफ़ाइनल मैच नहीं होगा, जिससे टीमों के लिए खिताब जीतने का एक नया रास्ता बनेगा।
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एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप 2026 का पहला फेज: पूल स्टेज – 15-20 अगस्त तक चलेगा। टूर्नामेंट की शुरुआत पूल स्टेज से होगी, जिसमें हर प्रतियोगिता में भाग लेने वाली 16 टीमों को चार-चार टीमों वाले चार पूल – पूल ए,बी,सी और और में बांटा जाएगा। प्रत्येक टीम अपने पूल में दूसरी टीमों के साथ एक-एक बार खेलेगी, यानी हर टीम तीन-तीन मैच खेलेगी। नतीजों से हर पूल में टीमों की पहली से चौथी तक की पोज़िशन तय होगी।
