खैरागढ़। जिले में धारदार बटनदार चाकू लेकर लोगों में दहशत फैलाने के मामले में न्यायालय ने आरोपी को दोषसिद्ध कर सजा सुनाई है। आर्म्स एक्ट के इस प्रकरण में आरोपी धनेश्वर उर्फ दादू मानिकपुरी को 2 वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदंड से दंडित किया गया है। न्यायालय ने यह फैसला प्रभावी विवेचना और सशक्त अभियोजन पक्ष की पैरवी के आधार पर दिया। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 5 जनवरी 2026 को थाना खैरागढ़ पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि वार्ड क्रमांक 18, अंबेडकर वार्ड निवासी धनेश्वर मानिकपुरी उर्फ दादू शराब भट्ठी के पीछे धरमपुरा क्षेत्र में धारदार बटनदार चाकू लेकर लोगों को धमका रहा है, जिससे क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया था।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस को देखते ही आरोपी भागने का प्रयास करने लगा, लेकिन घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से लगभग 9.5 इंच लंबा स्टील का बटनदार चाकू बरामद किया गया। इसके बाद आरोपी के खिलाफ थाना खैरागढ़ में अपराध क्रमांक 05/2026 के तहत धारा 25 और 27 आर्म्स एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया और आगे की विवेचना पूरी की गई। जांच के दौरान सभी आवश्यक साक्ष्य एकत्र कर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अभियोजन अधिकारी देवेन्द्र ध्रुव ने प्रभावी पैरवी की। वहीं जांच अधिकारी सउनि कोमल मिंज की विवेचना को भी न्यायालय में महत्वपूर्ण माना गया।
साक्ष्यों और तर्कों के आधार पर माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, खैरागढ़ ने 18 जून 2026 को आरोपी धनेश्वर मानिकपुरी को दोषी करार दिया। न्यायालय ने उसे 2 वर्ष के सश्रम कारावास और 200 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह निर्णय कानून व्यवस्था बनाए रखने और अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ सख्त संदेश देता है। इस फैसले से यह स्पष्ट हुआ है कि सार्वजनिक स्थानों पर हथियार लेकर दहशत फैलाने वालों के खिलाफ न्यायालय कठोर कार्रवाई कर रहा है। स्थानीय पुलिस ने बताया कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। इस प्रकरण की सफलता में पुलिस जांच और अभियोजन पक्ष की मजबूत पैरवी को अहम माना जा रहा है, जिसके चलते आरोपी को सजा दिलाई जा सकी।
