रायपुर। राजधानी रायपुर में शनिवार देर शाम हुई मूसलाधार बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। करीब दो घंटे से ज्यादा समय तक लगातार हुई तेज बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में सड़कों पर भारी जलभराव देखने को मिला। कई जगह सड़क और नाली का फर्क तक नजर नहीं आया। गंदे पानी से भरी सड़कों के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी दौरान शंकर नगर-गीतांजलि नगर इलाके के भारत माता चौक के पास एक महिला मोपेड समेत गहरे नाले में जा गिरी। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह महिला को बाहर निकाला।
बारिश के कारण राजधानी के कई हिस्सों में सड़कों पर पानी जमा हो गया। तेज बारिश के चलते नालियां भी उफान पर आ गईं और कई स्थानों पर नालियों का पानी सड़कों पर फैल गया। इससे वाहन चालकों को सड़क की वास्तविक स्थिति का अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया। कई जगह सड़कों पर गंदा पानी जमा होने के कारण यह पता ही नहीं चल रहा था कि सड़क कहां खत्म हो रही है और नाली कहां से शुरू हो रही है। भारत माता चौक के पास हुआ हादसा इसी जलभराव की स्थिति को उजागर करता है। जानकारी के मुताबिक एक महिला बारिश के दौरान अपनी मोपेड से जा रही थी। सड़क पर पानी भर जाने और नाली के दिखाई नहीं देने के कारण महिला मोपेड समेत गहरे नाले में जा गिरी। अचानक हुए हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने महिला की मदद के लिए दौड़ लगाई और काफी मशक्कत के बाद उसे नाले से बाहर निकाला गया। मोपेड को भी लोगों की मदद से बाहर निकाला गया।
हादसे के बाद लोगों ने शहर की जल निकासी व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान कई इलाकों में सड़क और नाली एक समान नजर आने लगती है। ऐसे में राहगीरों और वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। खासकर रात के समय स्थिति और ज्यादा खतरनाक हो जाती है, क्योंकि पानी के नीचे छिपी नालियों, गड्ढों और खुले हिस्सों का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। तेज बारिश के कारण राजधानी के कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की रफ्तार भी थम गई। सड़कों पर पानी जमा होने के कारण यातायात प्रभावित हुआ और कई जगह वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश के बीच जलभराव वाले इलाकों से गुजरने वाले लोगों को वाहन खराब होने के साथ-साथ दुर्घटना का भी खतरा बना रहा।
शहर में जलभराव की स्थिति को लेकर नगर निगम की तैयारियों पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बारिश से पहले जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने और जलभराव की समस्या दूर करने के दावे किए जाते हैं, लेकिन कुछ घंटों की तेज बारिश के बाद ही कई इलाकों में वही पुरानी स्थिति सामने आ जाती है। शनिवार की बारिश के बाद सामने आई तस्वीरों ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे चिंता की बात यह है कि मौसम अभी पूरी तरह साफ नहीं हुआ है। आने वाले दिनों में भी भारी बारिश की चेतावनी के बीच राजधानी के लोगों को जलभराव और सड़क हादसों का खतरा बना हुआ है। यदि लगातार बारिश होती है तो पहले से जलभराव वाले इलाकों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
ऐसे में प्रशासन और नगर निगम के सामने चुनौती सिर्फ पानी निकालने की नहीं, बल्कि खुले नालों और खतरनाक स्थानों को चिह्नित कर तत्काल सुरक्षा व्यवस्था करने की भी है। विशेष रूप से उन स्थानों पर बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेत जरूरी हैं, जहां बारिश के दौरान सड़क और नाली के बीच अंतर दिखाई नहीं देता। शनिवार की बारिश में भारत माता चौक के पास महिला के मोपेड समेत नाले में गिरने की घटना ने यह साफ कर दिया है कि भारी बारिश के दौरान राजधानी की सड़कों पर राहगीरों और वाहन चालकों के लिए खतरा बढ़ जाता है। आने वाले दिनों में बारिश और तेज होने की संभावना के बीच अब लोगों की नजर नगर निगम और प्रशासन की तैयारियों पर है।
