रायपुर। राजधानी रायपुर के भाठागांव स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल में एक छात्र के साथ मारपीट का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया है। आरोप है कि स्कूल में पढ़ने वाले कुछ छात्रों ने एक अन्य छात्र से विवाद के बाद बाहर से कुछ लड़कों को बुलाया और उसके साथ मारपीट कराई। इतना ही नहीं, मारपीट की घटना का वीडियो भी बनाया गया और बाद में उसे सोशल मीडिया पर रील के रूप में वायरल कर दिया गया। घटना के बाद पीड़ित छात्र और उसके परिवार में भय का माहौल है। मामला पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। सामने आई जानकारी के मुताबिक, स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि इसके बाद आरोपी छात्र ने बाहर से कुछ युवकों को बुलाया। इन युवकों ने कथित तौर पर पीड़ित छात्र के साथ मारपीट की। इस दौरान किसी ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया। बाद में यही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया।
वायरल वीडियो में एक छात्र के साथ मारपीट होती दिखाई देने की बात सामने आई है। वीडियो के संबंध में दावा किया जा रहा है कि इसमें आरोपी पक्ष की ओर से पीड़ित छात्र को धमकाया गया। आरोप है कि आरोपी छात्र ने कथित तौर पर खुद को डॉन बताते हुए कहा कि उसकी मां वकील है और जज से उसकी सेटिंग है। इन कथित धमकियों के कारण पीड़ित छात्र और उसके परिजन और अधिक डर गए। मामले में सबसे गंभीर आरोप स्कूल प्रबंधन की भूमिका को लेकर लगाए जा रहे हैं। पीड़ित पक्ष का कहना है कि घटना की जानकारी स्कूल के प्राचार्य को दी गई थी और शिकायत भी की गई, लेकिन इसके बावजूद कथित तौर पर समय रहते कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से पीड़ित छात्र खुद को असुरक्षित महसूस करने लगा।
बताया जा रहा है कि लगातार डर और दबाव के माहौल के कारण पीड़ित छात्र ने आखिरकार स्कूल से ट्रांसफर सर्टिफिकेट यानी टीसी ले लिया। छात्र के स्कूल छोड़ने के फैसले के बाद अब स्कूल परिसर में विद्यार्थियों की सुरक्षा और शिकायतों के निपटारे को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अभिभावकों के बीच भी इस घटना को लेकर चिंता बढ़ गई है। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा स्कूल प्रबंधन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। ऐसे में यदि किसी छात्र के साथ मारपीट या धमकी की शिकायत सामने आती है तो उसकी गंभीरता से जांच और समय पर कार्रवाई की आवश्यकता होती है। इस घटना में शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं किए जाने के आरोपों की भी जांच जरूरी मानी जा रही है।
वहीं, सोशल मीडिया पर मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। किसी छात्र के साथ मारपीट कर उसका वीडियो बनाना और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करना पीड़ित की मानसिक स्थिति पर भी असर डाल सकता है। साथ ही ऐसी घटनाएं दूसरे छात्रों के बीच भय का वातावरण पैदा कर सकती हैं। फिलहाल पूरे मामले में पुलिस की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो गई है। यदि पीड़ित पक्ष की ओर से थाने में शिकायत दर्ज कराई जाती है तो पुलिस वायरल वीडियो, घटना में शामिल छात्रों और बाहर से बुलाए गए युवकों की पहचान के आधार पर जांच कर सकती है। साथ ही यह भी पता लगाया जाना जरूरी है कि मारपीट की घटना किस वजह से हुई और इसमें कितने लोग शामिल थे।
मामले में सामने आए कथित धमकी भरे बयानों की भी जांच की आवश्यकता है। पुलिस वीडियो की सत्यता, घटना की परिस्थितियों और संबंधित पक्षों के बयान दर्ज कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट कर सकती है। स्कूल प्रबंधन की ओर से शिकायत मिलने के बाद क्या कार्रवाई की गई, इसकी भी जानकारी सामने आना बाकी है। भाठागांव के स्वामी आत्मानंद स्कूल से सामने आए इस मामले ने स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा, बाहरी लोगों की एंट्री और सोशल मीडिया पर हिंसक वीडियो वायरल किए जाने को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब निगाहें पुलिस और शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं।
