गरियाबंद। देवभोग और जामगांव के स्कूली बच्चों व एनसीसी कैडेट्स को आपदा प्रबंधन और जीवन रक्षक तकनीकों का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। भुवनेश्वर से पहुंची 3 बटालियन NDRF टीम ने शिविर लगाकर छात्रों को ऐसे कौशल सिखाए, जो आपातकालीन स्थिति में किसी की जान बचाने में मददगार साबित हो सकते हैं। प्रशिक्षण के दौरान छात्रों को सीपीआर (CPR), गला घुटने की स्थिति में बचाव, खून बहने पर प्राथमिक उपचार, सांप के डसने पर शुरुआती मदद, बाढ़ और बादल फटने जैसी प्राकृतिक आपदाओं में सुरक्षा उपायों की जानकारी दी गई। NDRF टीम ने डेमो और प्रायोगिक अभ्यास के जरिए बच्चों को हर तकनीक की बारीकियां समझाईं।

टीम का नेतृत्व सब इंस्पेक्टर वी.के. मीणा ने किया, जबकि मास्टर ट्रेनरों ने छात्रों को बताया कि, संकट की घड़ी में सूझबूझ और त्वरित प्रतिक्रिया कितनी अहम होती है। प्रशिक्षण का उद्देश्य सिर्फ जानकारी देना नहीं, बल्कि बच्चों और समुदाय को आपदा से निपटने के लिए व्यवहारिक रूप से तैयार करना है। इस अभियान में स्थानीय शिक्षकों, एनसीसी अधिकारियों और समाजसेवियों ने भी सहयोग किया। NDRF टीम ने बताया कि यह जागरूकता अभियान जिले के पांचों ब्लॉकों में चलाया जाएगा, खासकर नदी तटीय और संभावित आपदा प्रभावित क्षेत्रों में। 25 अप्रैल तक चलने वाली इस कार्यशाला के जरिए छात्रों को आत्मरक्षा, प्राथमिक उपचार और रेस्क्यू तकनीकों में दक्ष बनाने की कोशिश की जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर वे खुद और दूसरों की मदद कर सकें।

