हार्दिक के एक कड़वे शब्द ने बदल दी तिलक की किस्मत; जीत के बाद कप्तान ने खुद खोला उस ‘सीक्रेट’ मैसेज का राज

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अहमदाबाद। आईपीएल 2026 में तिलक वर्मा ने ऐसा धमाकेदार प्रदर्शन किया, जिसने हर किसी को चौंका दिया। खराब फॉर्म से जूझ रहे तिलक ने सोमवार को 45 गेंदों में नाबाद 101 रन ठोककर शानदार वापसी की। उनकी पारी की खास बात यह रही कि शुरुआत बेहद धीमी थी, पहली 22 गेंदों में सिर्फ 19 रन, लेकिन इसके बाद उन्होंने अगली 23 गेंदों में 82 रन कूट दिए। आपको बता दें कि पारी के 14वें ओवर तक तिलक संघर्ष कर रहे थे। तभी कप्तान हार्दिक पांड्या ने मैदान पर उनसे कुछ गुस्से में कहा और कुछ इशारा किया। यह साफ नहीं है कि उन्होंने क्या कहा, लेकिन वह बल्लेबाजी से कुछ गुर सिखाते दिखे थे और हार्दिक आक्रामक अंदाज में कह रहे थे। उसी के बाद तिलक का खेल पूरी तरह बदल गया। 15वें ओवर में प्रसिद्ध कृष्णा के खिलाफ उन्होंने पहला छक्का और दो चौके जड़े, और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। यह ओवर उनकी पारी का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। वहीं हार्दिक ने मैच के बाद बताया कि 14वें ओवर के टाइमआउट के दौरान उन्होंने तिलक वर्मा को सिर्फ एक ही बात बार-बार कही- बिना ज्यादा सोच के अपनी नैसर्गिक खेल दिखाओ। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगा कि तिलक के पास जितना टैलेंट है, उसे ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है। मैं बस उसे यही कह रहा था कि गेंद को देखो और उसे मारो, चाहे जो भी हो। क्योंकि मुझे सच में लगता है कि उसके बल्ले से जो बॉल स्ट्राइकिंग होती है, वो बहुत खास है।’

हार्दिक ने माना कि यह पारी सिर्फ तिलक के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी टीम के लिए बेहद जरूरी थी। उन्होंने कहा, ‘अब समय आ गया था कि वो आकर टीम के लिए प्रदर्शन करे। यह पारी ग्रुप के लिए जरूरी थी, तिलक के लिए जरूरी थी और मुंबई इंडियंस के लिए भी बहुत जरूरी थी।’ हार्दिक ने यह भी स्वीकार किया कि मैदान पर उनका जोश काफी ज्यादा था और वह कई बार इतना जोर से चिल्लाए कि उन्हें खुद चक्कर जैसा महसूस हुआ। उन्होंने हंसते हुए कहा, ‘मैं कई बार इतना जोर से चिल्लाया कि मुझे खुद चक्कर आ गया। लेकिन एक कप्तान के तौर पर यही एनर्जी टीम में बदलाव लाती है।’ हार्दिक के इस भरोसे और संदेश का असर तुरंत दिखा, जब तिलक वर्मा ने धीमी शुरुआत के बाद आक्रामक अंदाज अपनाया और आईपीएल 2026 की सबसे यादगार पारियों में से एक खेली। तिलक वर्मा ने 45 गेंदों में शतक लगाकर मुंबई इंडियंस के लिए सबसे तेज शतक की बराबरी कर ली। वहीं इस मैच से पहले तिलक का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था। पिछले पांच मैचों में उन्होंने केवल 43 रन बनाए थे, लेकिन इस पारी में उन्होंने आठ चौके और सात छक्के लगाकर आलोचकों को करारा जवाब दिया। दूसरी ओर, कगिसो रबाडा ने शुरुआत में शानदार गेंदबाजी करते हुए टॉप ऑर्डर को झकझोर दिया। उन्होंने 4 ओवर में 3 विकेट लेकर विपक्ष को बैकफुट पर धकेल दिया। सूर्यकुमार यादव का विकेट सबसे शानदार रहा, जब 152 किमी/घंटा की गेंद ने उनका स्टंप उड़ा दिया। अंतिम छह ओवरों में 96 रन बने, जिसमें तिलक की आक्रामक बल्लेबाजी का बड़ा योगदान रहा। हार्दिक पांड्या (16 गेंद में 15 रन) ने साथ दिया, लेकिन असली शो तिलक का ही रहा। यह पारी आईपीएल इतिहास में मुंबई इंडियंस के लिए सबसे यादगार पारियों में से एक बन गई।